
करिश्मा लालवानी
लखनऊ. आस्था और श्रद्धा के नाम पर लोगों को भगवान की महिमा का पाठ पढ़ाने वाले कई संतों पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ का आरोप है। अंधविश्वास के नाम पर विश्वास का पाठ पढ़ाकर महिलाओं की आबरू के साथ छेड़छाड़ करने वाले बाबाओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। अभी कुछ महीनों पहले बाबा राम रहीम पर उनकी साध्वियों ने रेप छेड़खानी का आरोप लगाया था। ये मामला अभी थमा ही नहीं था कि दिल्ली के रोहिणी में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम पर गलत कार्य करने वाले बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का नाम भी इसी संदर्भ में सामने आने लगा।
उनके ऊपर महिलाओं और नाबालिग लड़कियों पर यौन शोषण का आरोप है। लोगों का दावा है कि कई सालों से पुलिस से बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित की गलत हरकतों की शिकायत दर्ज करायी जा रही है। लेकिन पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की। मीडिया में आवाज उठाने पर उन्हें धमकियां भी मिलती थीं।
ये कोई पहला या दूसरा मामला नहीं है जब बाबाओं को लेकर इस तरह की खबरें सुनने को मिलती हैं। लेकिन सवाल ये है कि इस तरह की शिकायत होने पर पुलिस कितनी एक्टिव रहती है। अगर पुलिस समय से एक्शन ले, तो शायद इस तरह के मामले सामने न आएं। या फिर यूं कहें कि महिलाओं की सुरक्षा की तादाद बढ़ जाए। इन्ही की तरह हमारे देश में कई ऐसे बाबा हैं, जिनपर महिलाओं के साथ छेड़खानी का आरोप लग चुका है।
आसाराम बापू
बात 2013 की है जब आसाराम पर 16 साल की लड़की पर छेड़छाड़ का आरोप लगा था. तब से ये जोधपुर जेल में बंद हैं. आशीर्वाद देने के बहाने लड़कियों के साथ बद्तमिजी औऱ छेड़खानी करने का आरोप है उनपर। उनके बेटे नारायण साईं पर भी ऐसे ही आरोप लगे थे।
साईं नारायण
पिता की ही राह पर बेटा भी चल पड़ा। 2008 में मोटेरा स्थित आसाराम गुरूकुल में दो छात्रों की मौत हो गई थी। आरोप था कि छात्राओं की मौत तंत्र-मंत्र से हुई थी। लेकिन 2009 में राजू चंदक नाम के युवक ने आरोप लगाया था कि आश्रम में लड़कियों का यौन शोषण होता है और काले जादू के जरिए उन्हें मारने का प्रयास किया गया था।
बाबा रामशंकर तिवारी
यूपी के बाराबंकी जिले के हर्रई गांव के रहने वाला बाबा रामशंकर तिवारी उर्फ परमानंद अपने चेले चपाटों के साथ महिलाओं से साथ रंगरलियां मनाने के आरोप में गिरफ्तार किये गए थे। इनपर अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। बाबा के इस काले कारनामें का भांडा तब फूटा था, जब उनका कम्कपयूटर खराब हो गया था।
बाबा संत भीमानंद
यूपी के चित्रकूट के रहने वाले बाबा संत भीमानंद महाराज प्रवचनों की आड़ में सेक्स रैकेट चलाते थे। इन्होंने कुछ ही सालों में इस घिनौने धंधे से कई संपत्ति हासिल कर ली थी। यह ढोंगी 1998 में श्रीनिवासपुरी में सेक्स रैकेट, 1997 में लाजपतनगर सेक्स रैकेट, 2003 में नोएडा सेक्स रैकेट और 2010 में साकेत सेक्स रैकेट में पकड़ा जा चुका है। भीमांनद का असली नाम शिव मूरत द्विवेदी है वह चित्रकूट के पास एक गांव के रहने वाले हैं।
Published on:
23 Dec 2017 02:06 pm
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