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ट्रैफिक सिपाही और नगर निगम के बाबू ने महिला के साथ किया ऐसा काम कि रह जायेंगे दंग

कुछ सिपाही लगातार बचा रहे साख तो कुछ कर रहे पुलिस महकमें को शर्मसार, पिछले दिनों में हो चुकी कई घटनाएं हैं इसका प्रमाण।

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Sudhir Kumar

Sep 05, 2016

UP Police Goodwork

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पुलिस महकमें को भले ही कुछ वर्दीधारी अपनी करतूतों से शर्मसार कर रहे हों लेकिन कुछ पुलिसवाले विभाग की लगातार नाक बचा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सोमवार को देखने को मिला जहां यातायात सिपाही ने नगर निगम के बाबू के साथ मिलकर महिला का पर्स गिरते ही उसे लेकर भाग रहे एक कार चालक को मुख्यमंत्री आवास के निकट गोल्फ चौराहे के पर दौड़ाकर पकड़ लिया। दोनों ने महिला का पर्स लौटाया तो वह उनकी ईमानदारी और बहादुरी की सराहना करने लगी। मौके पर मौजूद टीआई शीतला पांडे ने दोनो की सराहना करते हुए पांच सौ रुपये का नगद इनाम देकर उत्साहवर्धन किया।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर आशियाना सेक्टर एन निवासी कृष्ण रावत सिविल अस्पताल इलाज करने आई थी। हजरतगंज स्थित कसमंडा के पास उनका का पर्स गिर गया जिसे वहां से गुजर रहा कार सवार उठा कर भागने लगा। यह देख यातायात बूथ पर तैनात ट्रैफिक सिपाही धर्मवीर यादव व नगर निगम के बाबू दिग्विजय यादव ने बड़ी ही तत्परता से कार चालक को दौड़ाकर गोल्फ चौराहा से पकड़ा लिया और महिला को पांच हजार रुपये, जेवर और कागजों से भरा पर्स लौटाकर ईमानदारी की नजीर पेश की। दोनों की ईमानदारी और बहादुरी की सराहना करते हुए मौके पर मौजूद टीआई शीतला पांडे ने पांच सौ रुपये का नगद इनाम देकर उत्साहवर्धन किया।

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पहली तस्वीर हम आप को दिखाते हैं हजरतगंज इलाके की। यहां मंगलवार को कई संगठनों के प्रदर्शन के चलते सड़क पर भयंकर जाम लग गया। जाम में एक आपातकालीन एम्बुलेंस फंस गयी। एम्बुलेंस में एक मरीज जिन्दगी और मौत के बीच लड़ रहा था। यह देख हजरतगंज कोतवाली में तैनात सिपाही नटवर सिंह चाहार वहां पर पहुंचा और भीड़ में से रास्ता बनवाकर उस आपातकालीन एम्बुलेंस को निकलवाया इससे मरीज समय से अस्पताल पहुंचा और मरीज की जान बच गई। इस दौरान वहां पर सैकड़ों की भीड़ तमाशबीन बनी रही।

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दूसरी तस्वीर पिछली पांच अगस्त की है यहां रात अपना थानाक्षेत्र न होते हुए भी चौकी इंचार्ज कैपिटल तिराहा संजय कुमार गुप्ता ड्यूटी समाप्त कर के अपने घर जा रहे थे। तभी उन्होंने निशातगंज पुल पर भीड़ लगी देखी। वहां लोगों का मजमा तो लगा था लेकिन सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल खून से लथपथ पड़े बाइक सवार की तरफ कोई हाथ नहीं बढ़ा रहा था। यह देख चौकी इंचार्ज ने एक ऑटो रुकवाया और ऑटो में खून से लथपथ बाइक सवार को लेकर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। समय रहते डॉक्टरों ने उसका उचित इलाज किया। इससे उसकी जान बच गई। होश में आने पर घायल युवक ने अपना नाम विकासनगर के 5/427 में रहने वाले अशोक पांडेय बताया। पुलिस की इस सक्रियता से अन्य पुलिसकर्मियों को भी सीख लेनी चाहिए। घायल व्यक्ति ने दारोगा के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है।

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तीसरी तस्वीर पिछली आठ मई की है यहां गाजीपुर थाने में सिपाही अरुण कुमार सिंह ने चीता 47 पर क्षेत्र में ड्यूटी करते समय सुबह करीब साढ़े दस बजे उन्होंने मुंशीपुलिया चौराहे के पास एक पर्स पड़ा देखा। पर्स उठाया तो उसमे 500 के दस नोट और एक नोट 100 का एक 50 और एक बीस का नोट, विदेशी मुद्रा, एटीएम, शॉपिंग कार्ड और आधार कार्ड निकला। आधार कार्ड पर नाम सिद्धार्थ सिंह और पता 24/25 बसंत बिहार फरीदी नगर पिकनिक स्पॉट रोड गाजीपुर था। अरूण ने इस पते के बारे में जानकारी की और सिद्धार्थ के घर जाकर घण्टी बजाई। घर से सिद्धार्थ निकल कर आये उन्होंने जैसे ही दरवाजे पर पुलिस देखी वह सन्न रह गए। लेकिन जब अरूण ने कुछ खोने की बात पूछी तो उनके जान में जान आई और पर्स खोने की जानकारी दी। इस पर अरूण ने पर्स गाजीपुर थाने चलकर लेने की बात कही। सिद्धार्थ थाने पहुंचे और कागजी करवाई पूरी कराकर रुपयों सहित पर्स ले लिया। रूपये वापस मिलने पर मालिक ने ईमानदार सिपाही की सराहना करते हुए कहा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि पुलिस ऐसी भी होती है। इस सिपाही को आईजी जोन ए सतीश गणेश ने सम्मानित किया।

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चौथी तस्वीर 28 मई की है यहां हजरतगंज कोतवाली में तैनात सिपाही नटवर सिंह चाहार ने बताया एक बेरोजगार युवक अपना बैग कैपिटल तिराहे के पास भूल गया था। लावारिश बैग पर जब सिपाही की नजर पड़ी तो वह पहले तो डर गया। लेकिन चौकी के पास जब बैग को खोला तो उसमें युवक के क्लास बारह तक के अंक और प्रमाण पत्र, आधारकार्ड, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, टोपी सहित कई अन्य दस्तावेज थे। पहले तो सिपाही ने युवक के बॉयोडाटा पर लिखे नंबर पर सम्पर्क किया लेकिन नंबर बंद थे। इसके बाद वह आधारकार्ड पर लिखे पते पर गया जहां युवक के माता-पिता मिले। जहां से सिपाही ने युवक को कोतवाली बुलाया और कागजी करवाई पूरी कराकर बैग युवक को सौंप दिया। बैग मिलते ही युवक की खुशी का ठिकाना न रहा उसने ईमानदार सिपाही की दिल से सराहना करते हुए कहा काश हर पुलिस वाला ऐसा हो तो सारी व्यवस्था सुधर जाये।
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पांचवी तस्वीर 7 अप्रैल की है यहां औरैया जिले के बिधूना पुलिस स्टेशन पर एक बूढ़ी औरत फरियाद लेकर पुलिस के जवानों के पास पहुंची थी। जब वह यहां पहुंची थी तो उसे दरकार थी न्याय व समाज की मदद की, क्योंकि उसके खुद के बच्चों ने बूढ़ी मां को घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया था। पुलिस कर्मियों ने उस औरत को पुलिस स्टेशन में ही रहने की जगह दी, और उसके लिए एक घर बनाने का निर्णय लिया। पुलिसवालों से मिली इस सकारात्मक प्रतिक्रिया से बूढ़ी मां बहुत ही उत्साहित है और खुश भी थी।
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