
राजधानी के बालिका इंटर कॉलेज में लगी क्षय रोग संवेदीकरण कार्यशाला
लखनऊ, क्षय रोग जन आंदोलन के तहत बाल दिवस पर राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला क्षय रोग अधिकारी डा. अनिल कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में सोहन लाल बालिका इंटर कॉलेज में टीबी यूनिट डीटीसी द्वारा “क्षय रोग निवारण में युवाओं की भूमिका” विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की । इस अवसर पर सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर अभय चंद्र मित्रा ने छात्राओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को साल 2025 तक टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया ।
आप युवा हैं और इस संकल्प को पूरा करने में आप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आप लोगों को इस बीमारी के लक्षणों के बारे में बताएं, साथ ही यदि कोई संभावित मरीज आपके जानने में है तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने के लिए प्रेरित करें । इसका जाँच और इलाज निशुल्क है। डॉट सेंटर्स ओर डॉट प्रोवाइडर्स के माध्यम से दवा लोगों को घर के पास या घर पर ही उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही पोषण के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान मरीज को हर माह 500 रुपये दिए जाते हैं।
पब्लिक प्राइवेट मिक्स समन्वयक रामजी वर्मा ने कहा- क्षय रोग पूर्णतया ठीक हो जाता है लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाओं का नियंमित रूप से सेवन किया जाए। टीबी यानि क्षय रोग जिसका मतलब होता है शरीर का क्षय होना। टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस बैक्टीरिया के कारण होता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलता है। जब संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो टीबी के जीवाणु हवा में फ़ैल जाते हैं। संक्रमित हवा में सांस लेने से स्वस्थ व्यक्ति या बच्चे भी टीबी से संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए टीबी ग्रसित व्यक्ति खांसते और छींकते समय मुंह को हमेशा ढके रहे। यह छूने या जूठा खाने या क्षय रोग पीड़ित व्यक्ति के सामान का उपयोग से नहीं फैलती है । हो सके तो मरीज मुंह पर मास्क लगाये रहे ।
Published on:
14 Nov 2021 07:46 pm
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