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तीन तलाक: मॉडल निकाहनामें की 18 शर्तें, जानिए क्या है खास

तीन तलाक पर केंद्र सरकार के कानून बनाए जाने की कोशिशों के बीच उलेमाओं ने मॉडल निकाहनामा तैयार कर लिया है।

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लखनऊ. तीन तलाक पर केंद्र सरकार के कानून बनाए जाने की कोशिशों के बीच उलेमाओं ने मॉडल निकाहनामा तैयार कर लिया है। मॉडल निकाहनामे में करीब डेढ़ दर्जन ऐसे बिंदु जोड़े गए हैं जिन पर दोनों पक्षों का सहमत होना निकाह के लिए अनिवार्य होगा। यदि कोई तलाक दे देता है तो उसे सजा के तौर पर कई गुना अधिक मेहर यानी तयशुदा रकम अदा करनी होगी।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद से जुड़े उलेमाओं ने मॉडल निकाहनामे के मसौदा शुक्रवार को हैदराबाद में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में रखा। माना जा रहा है कि उलेमा इस मॉडल निकाहनामा पर सहमत हो जाएंगे। लखनऊ में पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि मॉडल निकाहनामा पर पूरी तरह अमल होगा तो तो वैवाहिक जीवन खुशगवार हो जाएगा। साथ ही तीन तलाक रोकने में भी काफी हद तक कामयाबी मिलेगी।

मतभेद भी उभरे

दारुल उलूम देवबंद व मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े उलमा द्वारा तैयार किए गए मॉडल निकाहनामे पर देवबंद के ही एक आलिम ने ऐतराज जताया है। दारुल उलूम वक्फ के सदर मुफ्ती एवं पूर्व मुफ्ती-ए-पंजाब मुफ्ती फजलुर्रहमान हिलाल उस्मानी ने मॉडल निकाहनामे पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह बात उनकी समझ से परे है कि बोर्ड शरई मसलों पर शर्तें कैसे लगा सकता है। मुफ्ती हिलाल ने कहा है कि शरीयत में तलाक देने को मना नहीं किया गया है बल्कि इसके हालात और तरीके को बताया गया है।

क्या खास है मॉडल निकाहनामे में

प्रवक्ता के मुताबिक मॉडल निकाहनामे में 18 बिंदुओं पर आधारित शर्तों को जोड़ा गया है। जिन्हें लागू करने के लिए सभी मसलकों के उलेमा का एक जुट होना जरूरी है।

मॉडल निकाहनामे के प्रमुख बिंदु

1. दंपति शरीयत के अनुसार जिंदगी गुजारेंगे।
2. दंपत्ति एक-दूसरे के हक अदा करेंगे।
3. दंपति आपसी सम्बंध मधुर बनाएंगे।
4. दम्पति तलाक के बजाए दारुल कजा, शरई पंचायत या आलिम ए दीन से संपर्क करेंगे।
5. दारुल कजा, शरई पंचायत व उलेमा का फैसला दोनों को मान्य होगा।
6. किसी की दूसरी शादी है तो निकाह से पहले काजी को इसकी जानकारी देनी होगी।
7. काजी को जानकारी जुटानी होगी कि शादी करने वाले व्यक्ति ने पहली पत्नी के सभी हक अदा किये हैं या नहीं।
8. दूसरी शादी करने वाला व्यक्ति क्या दोनों पत्नियों को बराबर हक दे सकता है या नहीं यह भी पता करना होगा।
9. कोई अपनी पत्नि को तलाक दे देता है तो उसे मेहर (तय रकम) से कई गुना अधिक मेहर अदा करना होगी।