
तीन मिनट की देरी से काटेंगे गर्भनाल तो बच्चे में नहीं होगी आयरन की कमी
लखनऊ. गर्भवती महिलाओं में एनीमिया एक बड़ी समस्या है और सरकार ने राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत एनीमिया का समाधान करने की रणनीति तैयार की है। इसके तहत सभी सरकारी अस्पतालों में गर्भनाल को देरी से काटने के लिए 3 मिनट या कॉर्ड पल्सेशन बंद होने तक की अवधि तक बढ़ावा दिया जायेगा। इससे जन्म के 6 महीने तक नवजात शिशु के आयरन तत्वों के स्तर में सुधार हो सकेगा। लौह तत्व या आयरन की कमी के कारण ही एनीमिया होता है।
नई तकनीक से बढ़ाएंगे हीमोग्लोबिन का स्तर
इसके साथ ही सभी नवजात शिशु की प्रतिरक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान करवाने के प्रयास को बढ़ावा दिया जाएगा। यह कार्यप्रसव करवाने वाली स्वास्थय कर्मी करेंगे। इसके अलावा एनीमिया की स्क्रीनिंग शुरू की जाएगी और हीमोग्लोबिन का स्तर जानने के लिए नई तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालय के किशोरों का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल टीमों द्वारा बिना सुई लगाये डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर का उपयोग करके जांच की जाएगी जबकि गर्भवती महिलाओं का एचबी टेस्ट सभी प्रसवपूर्व चेक-अप के दौरान किया जाएगा। नेशनल आयरन प्लस इनिशिएटिव द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों में सूचीबद्ध कुछ ऐसे कदम हैं, जिससे जीवन भर एनीमिया से बचाव किया जा सकता है।
2022 तक एनीमिया तीन प्रतिशत कम करने का लक्ष्य
जानकर बताते हैं पोषण अभियान के लक्ष्यों का देखते हुए, एनीमिया मुक्त भारत की रणनीति को इस तरह से बनाया गया हैं ताकि बच्चों, प्रजनन आयु वर्ग (15-49 वर्ष) के किशोरों और महिलाओ में एनीमिया के प्रसार को कम करने के लिए 2018 से 2022 के बीच प्रति वर्ष 3 प्रतिशत अंक को कम किया जायेगा। एनीमिया न केवल प्रतिरक्षण क्षमता और मनुष्य की कार्य करने की क्षमता को कम करता है , बल्कि बच्चों के संज्ञानात्मक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। अगर गर्भवती महिलाएं एनीमिक हैं तो उन्हें प्रसव उपरान्त रक्तस्राव, तंत्रिका नली दोष, कम वज़न का बच्चा, समयपूर्व जन्म और मातृ मृत्यु जैसे जोखिमो का खतरा रहता हैं। एनीमिया अपने सबसे गंभीर रूप में होने पर मौत का कारण भी बन सकता है।
एनीमिया बन सकती है जानलेवा
केजीएमयू के क्वीन मैरी अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ रेखा सचान बताती है कि एनीमिया भारत में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। बड़ी संख्या में महिलाएं एनीमिक हैं, खासतौर पर गर्भवती महिलाएं जिनमें सही समय पर एनीमिया का पता न चलने पर वो अपनी जान भी गंवा सकती हैं। वे कहती हैं कि समान रूप से गर्भनाल काटने को लेकर कई महत्वपूर्ण धारणाएं हैं। अगर मां का ग्रुप रेसस (आरएच) नेगेटिव है या बच्चा समय से पहले जन्मा है तो गर्भनाल तुरंत काट दी जानी चाहिए बाकी परिस्तिथियों में गर्भनाल को देरी से ही काटना चाहिए। वे कहती हैं कि फेरस एस्कॉर्बेट टैबलेट का उपयोग फेरस सल्फेट टैबलेट की तुलना में अधिक प्रभावी हैं जो वर्तमान में वितरित किए जा रहे हैं। एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी) की वजह से आयरन तीन गुना ज्यादा खून में अब्जोर्ब होता है जिसके कारण खून में एचबी की मात्र बढ़ जाती है।
कई कारणों से होती है एनीमिया
यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ के 2001 के एक संयुक्त वक्तव्य के अनुसार एनीमिया के कई कारण हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत आयरन की कमी स्कूल के बच्चों और प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं में पायी गयी हैं और 80 प्रतिशत कमी 2- 5 साल की उम्र के बच्चों में पायी गयी । राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 4 (एनएफएचएस -4), 2015-16 से पता चलता है कि भारत में सभी उम्र में एनीमिया की व्यापकता बेहद अधिक है जो कि 30 प्रतिशत से लेकर 69 प्रतिशत तक हैं। पिछले 10 वर्षों में (एनएफएचएस -3, 2005-06 से एनएफएचएस -4, 2015- 16), अधिकांश आयु वर्गों में एनीमिया में कमी का प्रतिशत बिंदु बहुत कम रहा है।
जन जागरूकता कार्यक्रमों का होगा आयोजन
सरकार का 2022 तक लक्ष्य हासिल करने के लिए 450 मिलियन लाभार्थियों तक पहुंचने का अनुमान है। लाभार्थियों की अनुमानित संख्या मिशन परिवार विकास योजना से 20-24 वर्ष की महिलाएं होगी, जिन्हें शुरुआत में एनीमिया मुक्त भारत में शामिल किया जाएगा। एनीमिया मुक्त भारत अब राष्ट्रीय कृमि दिवस रणनीति के हिस्से के रूप में गर्भवती महिलाओं को भी शामिल करता है। समुदाय और स्कूल स्तर पर संचार में व्यवहार परिवर्तन के लिए स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा का उपयोग, पोषण और एनीमिया पर चर्चा के लिए किया जाएगा। स्कूल मंच पर आयोजित युवा फेस्टिवल का उपयोग एनीमिया और पोषण पर चर्चा और बातचीत करने के लिए भी किया जाएगा। आशा और माताओं के समूह की मासिक बैठक भी मौजूदा स्थल प्रधान मंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान से की जाएगी, मासिक बैठकों के रूप में माँ कार्यक्रम और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की साप्ताहिक बैठक योजनाबद्ध तरीके की जाएगी ।
Published on:
04 Jun 2018 07:41 pm
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