
मायावती के भाई को पीएम मोदी ने दिया ये तोहफा, कर दिया बड़ा ऐलान
लखनऊ. 12 अप्रैल 1935 को लखनऊ में जन्में और एक सभासद के तौर पर अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाले लालजी टंडन को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी रहे 83 साल के लालजी टंडन विधायक, सांसद और कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। बिहार का राज्यपाल बनने के बाद लालजी टंडन को इस बात का दुख भी है कि अब वह लखनऊ से दूर हो जाएंगे। वैसे तो लालजी टंडन के राजनीतिक सफर के कई यादगार किस्से हैं लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ उनका राखी भाई का रिश्ता लोगों को हमेशा याद रहता है।
लालजी टंडन को भाई मानती थीं मायावती
दरअसल जानकारों का ऐसा मानना है कि गेस्ट हाउस कांड में जब मायावती की जान खतरे में थी तब ऐन वक्त पर लाल जी टंडन ने उन्हें बचाया था। तब से मायावती ने लालजी टंडन को अपना भाई बना लिया। वैसे तो लालजी टंडन बीजेपी के नेता हैं, लेकिन बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती से उनका बहन का रिश्ता काफी चर्चा में रहा। जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी और बीएसपी के गठबंधन की सरकार थी, उस समय लालजी टंडन मंत्री हुआ करते थे। उसी दौरान मायावती उन्हें राखी बांधती थीं। इसीलिए तो अब राजनीतिक पंडित ये भी कह रहे हैं कि मायावती के भाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा तोहफा दिया है।
बीजेपी-बीएसपी गठबंधन में था अहम किरदार
लालजी टंडन के पुत्र गोपाल जी टंडन इस समय उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री हैं। सांसद लालजी टंडन ने हालही में अपनी किताब अनकहा लखनऊ में राजनीति से जुड़े कई खुलासे भी किए हैं। लालजी टंडन ने अनकहा लखनऊ में अपने पार्षद बनने से लेकर कैबिनेट मंत्री और दो बार सांसद तक बनने तक का पूरा सफर दर्शाया है। वैसे लालजी टंडन ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई बड़े प्रयोग किए। जानकारों के मुताबिक 90 के दशक में उत्तर प्रदेश में बीजेपी और बीएसपी की गठबंधन सरकार बनवाने में लाल जी टंडन का अहम किरदार था।
अटल जी के आशीर्वाद से सभालेंगे नई जिम्मेदारी
वहीं राज्यपाल बनाए जाने के बाद लालजी टंडन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर विश्वास जताया है। अटल जी के आशीर्वाद से वह नई जिम्मेदारी निभाएंगे। लालजी टंडन ने कहा कि बिहार के विकास में उनका पूरा योगदान रहेगा और राज्य के अभिभावक की भूमिका अदा करेंगे। लालजी टंडन ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके पुराने दोस्त रहे हैं और हम दोनों के बीच कोई परेशानी नहीं आएगी। लालजी टंडन ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि बीजेपी से सालों पुराना उनका रिश्ता टूट जायेगा और लखनऊ भी अब उनसे छूट जायेगा।
Updated on:
22 Aug 2018 12:48 pm
Published on:
22 Aug 2018 12:38 pm
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