
Atul Sengar
लखनऊ. उन्नाव गैंगरेप मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। और आज मामले में सीबीआई की टीम ने आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सेंगर को लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में पेश किया। आपको बता दें कि अतुल सेंगर पर पीड़िता के पिता को धमकाने व बेदर्दी से मारने का आरोप लगा है। आज कोर्ट में पेशी के बाद उसकी रिमांड भी मांगी गई जिसको मंजूरी देते हुए कोर्ट ने उसे चार दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।
अतुल सहित उसके चार साथियों को CBI ने लिया रिमांड पर-
जेल में बंद अतुल समेत उसके चार साथियों को सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। जहां से अतुल सिंह समेत साथी बऊवा उर्फ वीरेंद्र सिंह, विनित, शैलू और सोनू सिंह पेश, सभी आरोपियों को चार दिन की रिमांड पर भेज दिया गया। सीबीआई को आरोपियों की रिमांड 18 अप्रैल की सुबह दस बजे से मिलेगी। अतुल को सीबीआई की एक टीम उन्नाव जेल से कोर्ट में पेश किए जाने के लिए लखनऊ लाई थी। इससे पहले सीबीआई बांगरमऊ से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर तथा इस केस में नामजद शशि सिंह की रिमांड ले चुकी है।
केस वापस लेने के लिए अतुल ने पीड़िता के पिता को पीटा था-
गौरतलब है कि बीते 3 अप्रैल को केस वापस लेने के लिए आरोपी विधायक कुलदीप के भाई अतुल ने पीड़िता के पिता को बेहरहमी से पीटा और उसके बाद मारपीट का मुकदमा दर्ज करवाकर पीड़िता के पिता को ही जेल भिजवा दिया था। जहां 9 अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी। इसी के बाद यह मामला और गर्मा गया था तथा गैंगरेप पीड़िता के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। प्राथमिक साक्ष्य विधायक के भाई अतुल सेंगर के खिलाफ ही दर्ज किए गए है।
सीबीआई की 16 सदस्य टीम पहुंची माखी तो मचा हड़कंप-
केंद्रीय जांच ब्यूरो की 16 सदस्य टीम आज उन्नाव पहुंची जहां सबसे पहले सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में पहुंचकर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और उन्हें लेकर माखी थाना पहुंची जहां उनसे पूछताछ की गई। सीबीआई की 16 सदस्यीय भारी भरकम टीम को देख कर गांव में हड़कंप भी मचा गया। सभी ओर सन्नाटा पसर गया और कोई भी बोलने के लिए तैयार नहीं था।
शिफ्ट करने को लेकर असमंजस की स्थिति-
दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने जिला प्रशासन से होटल में शिफ्ट करने की मांग की थी। अपने बयान में उन्होंने कहा था कि यहां पर उन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही है। ना तो पानी की व्यवस्था है ना ही शौचालय की। खाने पीने की व्यवस्था नहीं है। अपने लोगों से मिलने के लिए भी उन्हें प्रशासन की सहमति का इंतजार करना पड़ता है।
Published on:
17 Apr 2018 06:50 pm
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