
Dimple yadav
लखनऊ. यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक जीवन में परिवार में ही डिंपल यादव की बदौलत सबसे बड़ी लड़ाई लड़ी जिसमें उन्होंने बड़ी जीत भी हासिल की है। अखिलेश यादव के परिवार में एक जमाना वह था जब मुलायम सिंह यादव, डिंपल को अपनी बहू बनाने के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद अखिलेश यादव ने डिंपल से शादी करने के लिए अपनी दादी को मनाया और किसी तरह से मुलायम सिंह को मनाकर अखिलेश और डिंपल की शादी हुई।
2014 चुनाव में कन्नौज से निर्विरोध जीती थी डिम्पल
शादी के बाद डिंपल ने सबसे पहले अपने ससुराल में सभी लोगों का दिल जीता जिससे वह यादव परिवार की अच्छी बहु कहलाने लगी। इसके बाद डिंपल यादव के स्वभाव से खुश होकर मुलायम सिंह ने 2014 चुनाव में कन्नौज से निर्विरोध जीत हासिल कराई थी।
पारिवारिक और राजनैतिक दोनों जिम्मेदारियों को बखूबी निभाई
बता दें कि जब-जब पिता-पुत्र की जंग में अखिलेश कमजोर और असहाय होते हुए दिखे तब डिंपल यादव उनका हमेशा ख्याल रखतीं थीं, और उनका हौसला-आफजाई करतीं और उनको अच्छी सलाह भी देतीं थी। डिंपल ने पारिवारिक और राजनैतिक दोनों जिम्मेदारियों को बखूबी निभाई हैं। अखिलेश अकेले ने पड़ जाएं इसके लिए डिंपल यादव हर वक्त अखिलेश के साथ देती रहीं और घरेलू जिम्मेदारी के अलावा राजनैतिक मसलों पर भी अखिलेश को सलाह देकर सहायता करती रही हैं।
डिंपल यादव में 2009 से लेकर 2017 जबरदस्त बदलाव दिखा
डिंपल यादव में 2009 से लेकर 2017 तक लोगों को जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है। अब वे राजनीति की तेजतर्रार नेता बन चुकी हैं। जब कभी अखिलेश चुनावी मुश्किलों में उलझ जाते हैं तब वही आगे आकर बुरे दिनों में भी संघर्ष करने के लिए हमेशा तैयार रहती थी। मुलायम परिवार की बहू, डिंपल यादव अपने ससुर की तरह एक अधिक मैच्योर लीडर की भूमिका निभाई हैं। इसी के कारण परिवार के अंदर मचे घमासान में अखिलेश के पीछे सॉलिड सपोर्ट सिस्टम तैयार करने के पीछे डिंपल यादव का सबसे बड़ा हांथ था लेकिन उन्होंने कभी भी अपने परिवार की मर्यादाओं को नहीं तोड़ा हैं।
Updated on:
14 Apr 2019 11:07 pm
Published on:
14 Apr 2019 09:51 pm

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