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विधि निर्माण में सभी विधायकों ने सुन्दर एवं सारवान चर्चा की: हृदय नारायण दीक्षित

नेता विरोधी दल सदन में निरन्तर उपस्थित रहे

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UP Assembly Speaker

भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी

लखनऊ , उ0प्र0 विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने आज सत्र की समाप्ति पर सदन के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी मा0 सदस्यों ने सदन में सारगर्भित चर्चा में भाग लिया है। उन्होंने बताया कि इस सत्र में उत्तर प्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान (संशोधन) विधेयक, दण्ड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक व किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश (संशोधन) विधेयक आदि कुल 14 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किये गये। सदस्यों ने विधेयकों के प्रस्तुतीकरण व विधान निर्माण में जमकर हिस्सा लिया। चर्चा बहुत सुन्दर और सारवान की। खुशी की बात है कि नये सदस्यों ने भी विधि निर्माण के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है।

भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी

हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि इस सत्र में कुल 6 उपवेशन हुए। सदन की कार्यवाही कुल 23 घण्टा 12 मिनट चली। यह 01 घण्टा 12 मिनट बाधित रही। अपवाद छोड़ इस सत्र में व्यवधान कम हुआ है। सत्र के प्रथम दिन पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर सदन में मुख्यमंत्री समेत सभी दलीय नेताओं द्वारा अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। अटल जी द्वारा 06 दशक तक संसदीय जीवन में संसदीय मर्यादा और व्यवहार का जो आदर्श उपस्थित किया गया उसके बारे में चर्चा भी की। सभी सदस्यों ने 02 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। आगे के उपवेशनों में एक दिन छोड़कर बाकी दिन प्रश्नोत्तरकाल की कार्यवाही ठीक से चली।

सत्र में भी 105 याचिकाएं सदन में प्रस्तुत

उन्होंने बताया कि 6 दिनों के उपवेशन में अल्पसूचित प्रश्न 138, तारांकित प्रश्न 1588 अतारांकित प्रश्न 1285 प्राप्त हुए। इनमें कुल 892 प्रश्न उत्तरित हुए। इसी प्रकार सरकार से वक्तव्य मांगने वाले नियम-51 के अन्तर्गत 379 सूचनाएं प्राप्त हुई। जिन्हे वक्तव्य व ध्यानाकर्षण के लिए स्वीकार किया गया। सरकार के ध्यान आकर्षित करने वाले नियम-301 की 240 सूचनाएॅ प्राप्त हुई। 176 स्वीकृत हुई। नियम-56 के अन्तर्गत लोक महत्व के विषयों पर कार्य-स्थगन की 55 सूचनाएं प्राप्त हुई, तमाम सूचनाओं को ग्राह्यता हेतु सुना गया व बहस हुई। तमाम सूचनाओं पर शासन का ध्यान आकृष्ट किया गया। इस सत्र में भी 105 याचिकाएं सदन में प्रस्तुत की गयी।

अनुपूरक बजट पर चर्चा

विधान सभा अध्यक्ष ने बताया कि इस सत्र में ही नियम समिति की अनुशंसा के क्रम में ‘‘संसदीय अनुश्रवण समिति‘‘ के गठन का प्रस्ताव लाया गया। सदन ने सर्वसम्मति से एक नई विधान सभा समिति के निर्माण की सहमति प्रदान की। नियम-301, 51 एवं अन्य सूचनाओं, सदस्यों के उत्तर से यदि सदस्य की संतुष्टि नहीं होती है, तो वह अपनी शिकायत अध्यक्ष को प्रेषित कर सकेगा। अध्यक्ष ऐसे मामले को इस नई समिति को संदर्भित करेंगे। सदस्यों के प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले भी इस समिति को संदर्भित किये जा सकेंगे।

विधान सभा अध्यक्ष ने बताया कि सत्र में 34833 करोड़ 24 लाख 40 हजार रूपये का अनुपूरक बजट पास हुआ। नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने लगभग 01 घण्टा 30 मिनट उपस्थित रहकर अनुपूरक बजट पर चर्चा की और अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

नेता विरोधी दल सदन में निरन्तर उपस्थित रहे

उन्होंने बताया कि नेता विरोधी दल राम गोविन्द चौधरी सदन में निरन्तर उपस्थित रहे। नियम-56 सहित विभिन्न प्रकार के जन-महत्व के प्रश्नों को उठाया। अध्यक्ष ने नेता बहुजन समाज पार्टी, लाल जी वर्मा, नेता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, अजय कुमार लल्लू व नेता अपना दल, नील रतन पटेल सहित सभी दलीय नेताओं के सहयोग की भी प्रशंसा की। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने भी विपक्ष की तरफ से उठाये गये नियम-56, 51, 300 एवं अन्य सूचनाओं, बिलों के पारण और बहसों पर समाधान परक उत्तर देकर सदन में अपने महत्वपूर्ण योगदान दिया। विधान सभा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश मंत्रिमण्डल के सभी सदस्यों को निरन्तर उपस्थित रहकर अपने-अपने विभागों के प्रश्नों व अन्य चर्चाओं का उत्तर दिये जाने व सभी सदस्यों को संतुष्ट रखने के लिए भी धन्यवाद दिया।