
लखनऊ. विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है। इस सत्र की शुरुआत हंगामेदार होने के आसार हैं। सपा, बसपा और कांग्रेस कानून-व्यव्स्था, बिजली दरों में बढ़ोतरी, धान और आलू किसानों के शोषण, रोजगार , चुनावी वादों को पूरा न करने और निकाय चुनाव में धांधली जैसे मुद्दों के जरिए योगी सरकार को घेरेंगे। विपक्ष ने जहां कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, वहीं सत्तापक्ष ने भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में विपक्ष के जवाब की रणनीति बनाई है।
विधानसभा सत्र 14 दिसंबर से शुरू हो रहा है, 22 दिसंबर तक इसके चलने के आसार हैं। सरकार इस सत्र में अनुपूरक बजट व यूपीकोका समेत कई विधेयकों को पास कराने की तैयारी में है। सत्र के पहले दिन औपचारिक कार्य को सदन के पटल पर रखा जाएगा, साथ ही विधेयकों को पुनर्स्थापित किया जाएगा। 15 दिसंबर को हाफ डे रहेगा। 16 व 17 दिसंबर को शनिवार व रविवार है। इस दिन सदन की बैठकें नहीं होंगी। 18 दिसंबर को वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल बजट पेश करेंगे। 19 दिसंबर को अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी। 20-21 और 22 दिसंबर को विधायी कार्य और अन्य कार्य होंगे।
हंगामेदार आगाज के आसार
विधानसभा अध्यक्ष ह्रदयनारायण दीक्षित द्वारा बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में विपक्षी दलों ने सदन संचालन में सहयोग का भरोसा दिया है, लेकिन सपा, बसपा और कांग्रेस के तेवरों को देखते हुए विधानसभा सत्र के पहले दिन ही हंगामे के आसार हैं। आपको बता दें कि पिछले सत्र में विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा न लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की थी।
सत्र के एक दिन पहले हुई भाजपा विधानमंडल दल की बैठक
विधानसभा के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले भाजपा विधानमंडल दल की बैठक हुई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के विधायकों और मंत्रियों से सदन में मौजूद रहकर, विपक्ष के आरोपों पर अपना पक्ष मजबूती से रखने के कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में मंत्रियों और विधायकों को पूरी तैयारी के साथ विपक्ष के सवालों पर अपना पक्ष रखना चाहिए। कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय के साथ मंत्री और विधायक मौजूद रहे।
Published on:
14 Dec 2017 09:17 am
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