
UP ATS
पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
गोरखपुर. उत्तर प्रदेश एटीएस (UP ATS) ने रोहिंग्य के प्रदेश में होने के संदेह पर गोरखपुर (Gorakhpur) व संतकबीर नगर में छापेमारी की, जिसमें चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूपी एटीएस ने टेरर फंडिंग की आशंका के चलते बुधवार को छापेमारी की। इसमें संतकबीरगर के खलीलाबाद में रह रहे तीन युवकों को गिरफ्तार गिरफ्तार किया गया। इनमें एक का नाम अजीजुल हक बताया जा रहा है। यह म्यांमार का नागरिक था। वह न सिर्फ नाम बदलकर रह रहा था, बल्कि फर्जी तरीके से मूल दस्तावेज भी बनवा लिए थे।
2001 में बांग्लादेश के रास्ते भारत आया था अजीजुल-
एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि अजीजुल हक के बारे में यूपी एटीएस को पूर्व में ही जानकारी मिल गई थी। जिसके बाद एटीएस ने रणनीति बनाई व ऑपरेशन को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि अजीजुल मूल रूप से म्यांमार का रहने वाला है और 2001 में बांग्लादेश के रास्ते भारत आया था। इसके अतिरिक्त खलीलाबाद नगर पालिका के तकनीकी सहायक अब्दुल मन्नान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज बनवाने में अजीजुल हक की मदद की थी। इसके अतिरिक्त मोतीनगर मोहल्ले से मन्नान के दो और सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह भी रोहिंग्या मुसलमान हैं।
कई दस्तावेज हुए बरामद-
अजीजुल हक के पास से दो पासपोर्ट बरामद किए गए हैं। हालांकि उक्त तकनीकी सहायक के खिलाफ अभी तक पुख्ता सुबूत अब तक नहीं मिले हैं, जिसकी वजह से उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। एडीजी ने बताया कि अजीजुल हक से उसके 3 आधार कार्ड, एक पैनकार्ड, 3 डेबिट कार्ड, राशन कार्ड और 5 बैंकों की पासबुक भी बरामद किए गए हैं।
Updated on:
07 Jan 2021 03:18 pm
Published on:
07 Jan 2021 03:07 pm
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