7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यूपी एटीएस ने ‘Reviving Islam’ ग्रुप का पर्दाफाश किया, दो गिरफ्तार, पाक से है कनेक्शन

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (UP ATS) ने भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इनके नाम अजमल और डॉ. उसामा हैं।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Avaneesh Kumar Mishra

•

Updated: 4 Aug 2025, 7:01 PM IST

आरोपी अजमल और उसामा को यूपी ATS ने किया गिरफ्तार, PC- एक्स।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (UP ATS) ने भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई है। इन आरोपियों के नाम अजमल और डॉ. उसामा हैं। ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा फैलाकर युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे थे।

एटीएस की निगरानी के दौरान 'Reviving Islam' नाम का एक व्हाट्सएप ग्रुप सामने आया, जिसमें करीब 400 पाकिस्तानी सदस्य शामिल थे। इस ग्रुप में तीन एडमिन थे और एक भारतीय नंबर भी जुड़ा हुआ था, जो अजमल अली पुत्र असगर खान, निवासी ग्राम-देहरा, निकट अमरोहा, पोस्ट-अव्वलपुर, थाना-नौगावा सादात, जिला अमरोहा का था।

शरिया कानून लागू करने की रच रहे थे साजिश

पूछताछ में अजमल ने बताया कि वह पाकिस्तान के कई लोगों के संपर्क में था और महाराष्ट्र के बदलापुर निवासी डॉ. उसामा माज शेख को अपना मार्गदर्शक मानता था। अजमल और उसामा इंस्टाग्राम और सिग्नल ऐप के जरिए लगातार संपर्क में रहते थे। इनकी बातचीत में भारत में चुनी हुई सरकार को गिराकर शरिया कानून लागू करने की साजिश रची जा रही थी।

दोनों सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी तत्वों के संपर्क में

जांच में सामने आया कि ये दोनों सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान से जुड़े तत्वों के संपर्क में थे। वे 'गजवा-ए-हिन्द' और 'हिंसात्मक जिहाद' जैसे विचारों को फैलाकर मुस्लिम युवाओं को गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे थे। 1 अगस्त को लखनऊ एटीएस ने अजमल को गिरफ्तार किया, जिसके बाद 4 अगस्त को महाराष्ट्र से डॉ. उसामा को भी पकड़ा गया। फिलहाल, दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य जांच एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।