
लखनऊ. कर्नाटक में किसकी सरकार बनेगी ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन बीजेपी ने सीएम योगी को तुरुप का इक्का बताया है। बीजेपी के मुताबिक, महाराष्ट्र निकाय चुनाव हों या गुजरात, हिमाचल, त्रिपुरा विधानसभा चुनाव, बीजेपी की जीत में तुरुप का इक्का साबित हुए हैं योगी आदित्यनाथ। प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, योगी की स्वीकार्यता देश के हर कोने में बढ़ी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में भी उनकी छवि एक सन्यासी राजनेता की ही है। एक ऐसे राजनेता की छवि जो न सिर्फ फैसले लेने में दृढ़ है, बल्कि दूरदर्शी भी। जिसे अपने लिए कुछ नहीं चाहिए, चाहिए तो सिर्फ जनकल्याण और देश हित। विरोधी चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों ना हो, टकराने में कोई संकोच नहीं करते। एक लीडर से जनता यही तो चाहती है। यही वजह है योगी जहां भी जाते हैं, उनकी कीर्ति उनसे पहले पहुँच जाती है।
डॉ, चंद्रमोहन के मुताबिक, योगी जी की ताकत से विरोधी भी घबराते हैं, कांग्रेस और कर्नाटक के cm सिद्धारमैया को सबसे ज़्यादा डर योगी आदित्यनाथ से ही था। जिन पर योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार किया, वहां बीजेपी जीती) क्योंकि कांग्रेस के मज़हबी दांव (लिंगायत को हिन्दू धर्म से अलग मान्यता देना)की सबसे बड़ी काट खुद योगी हैं। यही वजह थी कि योगी पर यूपी में तूफान से हुई तबाही का मुद्दा उठाकर योगी को घेरने की कोशिश भी हुई। तब जबकि योगी कर्नाटक से रवाना होने से पहले ही ज़रूरी एहतियाती कदम उठाने के आदेश और आर्थिक सहायता की घोषणा कर चुके थे।
उनके मुताबिक, कांग्रेस समेत सभी विरोधी दलों की कोशिश यही थी कि किसी तरह योगी कर्नाटक चुनाव से दूर हो जाएं। योगी यूपी लौटे भी, लेकिन तूफान से हुई तबाही की समीक्षा, राहत और सहायता के पुख्ता इंतजाम के बाद दोबारा कर्नाटक भी पहुँचे। यही योगी की शैली है, जिसे राहुल गांधी , सिद्धरमैया और उनकी पार्टी के रणनीतिकार शायद समझ नहीं सकेंगे।
Updated on:
16 May 2018 04:17 pm
Published on:
16 May 2018 06:26 pm
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