
बीजेपी के लिए टीवी डिबेट में विपक्ष से मोर्चा लेने वाले प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी को लखनऊ पुलिस ने अपमानित कर दिया। उनकी गाड़ी रोककर पूरी तलाशी हुई। हूटर बत्ती आदि चेक की गई। त्रिपाठी के साथ गाड़ी में उनका परिवार भी था। उन्होंने परिचय दिया लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। राकेश त्रिपाठी ने बीजेपी का झंडा गाड़ी से उतार दिया है। उन्होंने अपनी गाड़ी में अब अधिवक्ता लिखवा लिया है।
राकेश त्रिपाठी के साथ हुई बदसलूकी के मामले ने तूल पकड़ना भी शुरू कर दिया है। ये मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। इसकी वजह ये है कि बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राधामोहन दास अग्रवाल ने यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार और गृह सचिव दीपक कुमार को घटना पर संज्ञान लेने की गुजारिश की है।
राजस्थान पत्रिका से बात करते हुए राकेश त्रिपाठी ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ श्रीनगर से वापस लौट रहे थे तब उनके परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया गया। पुलिस वालों ने उनके और परिवार वालों की वीडियो बनाई और चेकिंग के बहाने बदसलूकी की। राकेश त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस वाले उन पर हावी हो गए थे। उन्होंने इस बात पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी वरना पुलिस वाले उन पर हमला भी कर सकते थे।
इसी बीच, बीजेपी प्रवक्ता से बदसलूकी करने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Updated on:
23 Jun 2024 04:03 pm
Published on:
23 Jun 2024 03:39 pm
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