
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा के लिए आयु समय सीमा तय, अब इस उम्र से ज्यादा के लोग नहीं दे पाएंगे परीक्षा
लखनऊ. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने कक्षा 10 की रेगुलर परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयुसीमा करने का फैसला लिया है, जिसके लिए यूपी बोर्ड ने शासन को अपना प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव में लिखा गया है कि कक्षा 10 के छात्रों की न्यूनतम आयु 14 वर्ष और अधिकतम आयु 18 वर्ष होनी अति आवश्यक है। यानि 18 वर्ष से अधिक की आयु वाले छात्र हाईस्कूल की परीक्षा नहीं दे पाएंगे। उत्तर प्रदेश शासन से मंजूरी मिलने के बाद अगले सत्र से इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। हालांकि, दसवीं की प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए यह नियम बाध्यकारी नहीं होगा।
नकल माफियाओं पर लगेगी लगाम
यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा के लिए होने वाले इस बदलाव के बाद स्कूलों में नकलमाफियाओं पर भी लगाम लग जाएगी। अभी तक यूपी बोर्ड की ओर से दसवीं की परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु को लेकर कोई नियमावली नहीं थी, जिसे अधिक उम्र के छात्र-छात्राएं आसानी से परीक्षा पास कर लेते थे। यूपी बोर्ड के पास इस संबंध में लगातार शिकायतें आ रही थी। इसके बाद ही यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के परीक्षार्थी के लिए न्यूनतम 14 वर्ष और अधिकतम 18 वर्ष की आयुसीमा तय करने का प्रस्ताव बनाया गया।
इन बोर्ड में पहले से लागू है यह नियम
यूपी बोर्ड द्वारा ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस प्रस्ताव को शासन की ओर से जल्द ही हरी झंडी मिल जाएगी। बता दें कि सीबीएसई की ओर से हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल होने के लिए 14 वर्ष, दिल्ली बोर्ड में 14 वर्ष, बिहार बोर्ड में 14 वर्ष से अधिक की आयुसीमा पहले से ही निर्धारित है। आईसीएसई की ओर से पहली कक्षा में प्रवेश के समय साढ़े छह वर्ष न्यूनतम आयुसीमा तय की गई है। फिलहाल आईसीएसई की ओर से जिस राज्य में स्कूल होता है, उस राज्य के शिक्षा बोर्ड का नियम लागू किया जाता है।
Updated on:
20 Jan 2020 04:23 pm
Published on:
14 Oct 2019 05:36 pm
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