
संस्कृत को बढ़ावा देगी योगी सरकार, इस भाषा में जारी होंगे सीएम योगी के आवश्यक संदेश
लखनऊ. संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने अनूठी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के भाषण और प्रेस विज्ञाप्ति (Press Note) अब हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ संस्कृत में भी जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के भाषण को संस्कृत में बदलने के लिए लखनऊ के संस्कृत संस्थान से मदद ली जाएगी।
संस्कृत में जारी होंगे सीएम के संदेश
सूचना विभाग के निदेशक शिशिर के मुताबिक मुख्यमंत्री के भाषण और जरूरी संदेश हिंदी, अंग्रेजी के अलावा संस्कृत में भी तैयार किए जाएंगे। संस्कृत भाषा के विशेषज्ञ रखे जाएंगे। इससे पहले नीति आयोग ने मुख्यमंत्री के भाषण को संस्कृत में जारी किया था।
गौरतलब है कि सीएम योगी ने संस्कृत भाषा पर जोर देने की बजट में कही थी। प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 314.51 करोड़ रुपये का प्रावधान है। संस्कृत शिक्षा के लिए सरकार ने 242 करोड़ रुपये के साथ संस्कृत स्कूल और डिग्री क़लेज के लिए 30 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की है। वहीं 21 करोड़ का प्रावधान काशी विद्यापीठ में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इसके साथ ही 21.51 करोड़ रुपए सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के लिए भी का प्रावधान किया गया है।
संस्कृत भारत के डीएनए में
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्कृत (Sanskrit Language) भाषा पर जोर दिया है। इससे पहले उन्होंने जारी किए एक बयान में कहा था कि संस्कृत भाषा भारत के डीएनए में है, जिसका उपयोग धार्मिक कार्यों में किया जाता है। इसे बढ़ाने की आवश्यकता है। संस्कृत भारती के कार्यक्रम में सीएम ने कहा था कि जहां विज्ञान का अंत होता है वहां संस्कृत की शुरुआत होती है। यह प्राचीन काल की भाषा है। लेकिन आज के जमाने में इसका इस्तेमाल कम ही किया जाता है। इसलिए संस्कृत का उपयोग कर इसे बढ़ाने की आवश्यकता है।
Published on:
18 Jun 2019 06:15 pm
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