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लखनऊ. यूपी में कोरोना (Coronavirus in UP) का ग्राफ भले ही गिर रहा हो, लेकिन खतरा अब भी टला नहीं है। सर्दियों में कोरोना (Corona) और खतरनाक हो सकता है। अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (University of California) की एक रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई है, जिसमें कहा गया है कि गर्मी की तुलना में सर्दियों में कोरोना अधिक समय तक संक्रामक रहता है। वहीं अब तक 100 से ज्यादा डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। चिकित्सकों की सलाह है कि इस माह कोरोना ही नहीं डेंगू जैसी अन्य बीमारियों का भी खतरा होता है, ऐसे में सभी को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
अक्टूबर माह की बात करें, तो प्रतिदिन औसतन करीब 2500 मामले सामने आ रहे हैं। यूपी में कुल संक्रमितों की संख्या साढ़े चार लाख के पार हो गई है। इनमें 4,11,611 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सर्दियों में सांस छोड़ने, खांसने या छींकने के दौरान मुंह या नाक से निकलीं बूंदों के सीधे संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। गर्मियों के मौसम में कोरोना ने देशभर कई लोगों की जान ली। यूपी में भी 6629 लोगों ने इससे जान गंवाई। गर्मी के मौसम में संक्रमण फैलने का एक बड़ा कारण संक्रमित छोटे एयरोसोल कणों (हवा में मौजूद ठोस या वाष्प कण) के संपर्क में आना है।
एक अध्ययन के अनुसार ऐसी स्थिति में कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और फेस मास्क ही सबसे कारगर हथियार है। अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (यूसी) सांता बारबरा की अनुसंधानकर्ता एवं अध्ययन की सह-लेखिका यानयिंग झु ने भई इसको लकेर कहा है सीडीसी ने छह फुट की सामाजिक दूरी बनाए रखने की सिफारिश की है, लेकिन हमने पाया कि अधिकतर स्थितियों में सांस से निकलीं बूंदें छह फुट से अधिक दूरी तक भी जाती हैं।
Published on:
18 Oct 2020 04:06 pm

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