
जन्मदिन पार्टी बना हादसा (Source: Police Media Cell)
UP Crime News: लखनऊ के कृष्णा नगर क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां खेल-खेल में चली गोली ने 12 वर्षीय मासूम की जान ले ली। जन्मदिन की खुशी का माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि मृतक बच्चे के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और घटना में शामिल तीन नाबालिग बच्चों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार मृतक बच्चा अपने परिचित संजीव त्रिपाठी के बेटे की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने के लिए गया था। घर में बच्चों के बीच हंसी-खुशी का माहौल था। कई बच्चे पार्टी में मौजूद थे और खेलकूद में व्यस्त थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान कुछ बच्चों को घर के बाहर खड़ी कार की चाबी मिल गई। जिज्ञासा और खेल की भावना में बच्चे कार के अंदर जाकर बैठ गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में यह खेल एक बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार के अंदर एक पिस्टल रखी हुई थी। बच्चों ने खेलते-खेलते उस पिस्टल को उठा लिया। हथियार के खतरों से अनजान बच्चे उसे खिलौना समझकर इस्तेमाल करने लगे। इसी दौरान अचानक पिस्टल से गोली चल गई। गोली सीधे 12 वर्षीय बच्चे के सिर में जा लगी। गोली लगते ही बच्चा गंभीर रूप से घायल होकर कार के अंदर ही गिर पड़ा।
गोली चलने की आवाज सुनते ही घर और आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन गंभीर चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जन्मदिन समारोह में मौजूद लोग घटना से स्तब्ध रह गए। जहां कुछ देर पहले बच्चों की हंसी गूंज रही थी, वहीं अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। माता-पिता और रिश्तेदारों का कहना था कि बच्चा केवल जन्मदिन की खुशी में शामिल होने गया था, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि वह वापस घर नहीं लौटेगा। पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग इस घटना को बेहद दुखद और लापरवाही का परिणाम बता रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कृष्णानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर साक्ष्य जुटाने शुरू किए और पिस्टल को कब्जे में ले लिया।पुलिस ने तीन नाबालिग बच्चों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि गोली किस परिस्थिति में चली और हथियार कार में कैसे रखा गया था।
मामले में लखनऊ पुलिस के पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना दुर्घटनावश प्रतीत हो रही है। उन्होंने कहा कि हथियार लाइसेंसी था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है,हथियार वाहन में क्यों और कैसे रखा गया। सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं,इन सभी बिंदुओं पर गहन जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर घरों में हथियार रखने की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंसी हथियारों को हमेशा सुरक्षित लॉक सिस्टम में रखा जाना चाहिए, खासकर ऐसे स्थान पर जहां बच्चों की पहुंच न हो। बच्चों की जिज्ञासा अक्सर खतरनाक स्थितियां पैदा कर सकती है, इसलिए अभिभावकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गोली चलने की आवाज बहुत तेज थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि पटाखा फूटा है, लेकिन कुछ ही सेकंड में स्थिति स्पष्ट हो गई। पड़ोसियों ने बताया कि बच्चे अक्सर बाहर खेलते रहते थे और किसी ने नहीं सोचा था कि कार के अंदर कोई हथियार मौजूद होगा।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हथियार मालिक की ओर से लापरवाही तो नहीं बरती गई। यदि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यह हादसा समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की मौजूदगी वाले घरों में हथियार, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या वाहन की चाबियां खुले में छोड़ना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मनोचिकित्सक अनुराधा के अनुसार बच्चे जिज्ञासावश किसी भी वस्तु को खिलौना समझ सकते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
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Published on:
03 Mar 2026 09:28 am
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