
UP DGP OP Singh
लखनऊ. उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अफसर ओम प्रकाश सिंह को केंद्र सरकार ने डीजी सीआईएसएफ के पद से रिलीव कर दिया है। इसके साथ ही उनके यूपी डीजीपी पद का चार्ज संभालने का रास्ता 21 दिनों की कड़ी मशक्त के साथ साफ हो गया है। गत 31 दिसंबर को यूपी डीजीपी पद के लिए प्रदेश सरकार ने ओपी सिंह ने नाम पर मोहर लगाई थी। हालांकि उनकी रिलीविंग फाइल पीएमओ में अटकने के कारण वह चार्ज नहीं ले सके। अब प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी मुख्यालय के मुताबिक ओपी सिंह डीजीपी पद पर मंगलवार को चार्ज लेगें।
ओपी सिंह 22 दिन बाद लेंगे चार्ज
1983 बैच के वरिष्ठ आईपीएस ओप्रकाश सिंह (ओपी सिंह) उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी के रुप में पदभार संभालेंगे। केंद्र और यूपी सरकार के बीच केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के डीजी पद पर तैनात ओपी सिंह की रिलीविंग को लेकर लंबी खिचतान चली। यूपी सरकार ने 31 दिसंबर को ही पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के रिटायमेंट पर ओपी सिंह के नाम पर मोहर लगाते हुए पीएमओ को रिलीव करने से जुटा प्रस्ताव भेज दिया था। लेकिन इस पर 21 दिन तक कोई उचित फैसला नहीं हो सका।
लेकिन सोमवार को उन्हें केंद्र सरकार ने रिलीव कर दिया है। प्रमुख सचिव, गृह अरविंद कुमार और डीजीपी मुख्यालय द्वारा दावा किया जा रहा है कि ओपी सिंह मंगलवार को यूपी डीजीपी पद का चार्ज लेंगे।
तीन बार लखनऊ के एसएसपी बने ओपी सिंह
वरिष्ठ आईपीएस अफसर ओपी सिंह का लखनऊ से खास नाता है। क्योंकि अब वो जिस लखनऊ में डीजीपी मुख्यालय में बैठने की तैयारी कर रहे हैं, इसी लखनऊ जिले के तीन बार एसएसपी रह चुके हैं। हालांकि तीनों बार उनका कार्यकाल तीन महीने से ज्यादा नहीं रहा। बल्कि 2 जून 1995 गेस्ट हाउस कांड उनके लिए समस्या बन गया था। इस तारीख को उनका ट्रांसफर इलाहाबाद से लखनऊ एसएसपी बनाकर किया गया। लेकिन चंद घंटों में बसपा प्रमुख मायावती पर गेस्ट हाउस में हमला हुआ, इसके बाद सियासत इतनी गरमा गई कि इन्हें 48 घंटे के अंदर सस्पेंड कर दिया गया था।
ओपी सिंह के बारे में
यूपी कैडर के आईपीएस ओम प्रकाश सिंह बिहार के मूल निवासी है। उनका परिवार गया जिले के बिगहा गांव में रहता था। ओपी सिंह लखनऊ, इलाहाबाद, अल्मोड़ा, खीरी, बुलंदशहर और मुरादाबाद में एसएसपी रह चुके हैं। इन्होंने आजमगढ़ और मुरादाबाद में डीआईजी और मेरठ जोन के आईजी पद का चार्ज संभाला है। फिलहाल सीआईएसएफ डीजी पद पर तैनात रहें ओपी सिंह को सीआरपीएफ का भी लंबा अनुभव रहा है।
ओपी सिंह को बहादुरी के लिए 1993 में इंडियन पुलिस मेडल, सराहनीय सेवाों के लिए 1999 में राष्ट्रपति पुलिस मे़डल और विशिष्ट सेवाओं के लिए 2005 में राष्ट्रपति पुलिस पदक भी मिला है।
Published on:
22 Jan 2018 05:31 pm
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