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UP Elections 2022: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संघ भी हुआ एक्टिव, सरकार और संगठन के पेंच कसने की तैयारी

- UP Elections 2022 - मोहन भागवत सहित अन्य पदाधिकारी रहेंगे मौजूद - चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं में जान फूंकने की बनेगी रणनीति
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लखनऊ

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Nitin Srivastva

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Updated: 18 Jun 2021, 9:27 AM IST

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संघ भी हुआ एक्टिव, सरकार और संगठन के पेंच कसने की तैयारी

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संघ भी हुआ एक्टिव, सरकार और संगठन के पेंच कसने की तैयारी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly election 2022) को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के नेता भी अब एक्शन में आ गये हैं। यूपी विधानसभा चुनाव (UP Elections 2022) को ध्यान में रखकर ही चित्रकूट में आरएसएस के प्रांत प्रचारकों की बैठक 9 जुलाई से 13 जुलाई तक होने जा रही है। इससे पहले एक जून को ही संघ के नंबर दो अधिकारी सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले लखनऊ में चार दिन का दौरा कर चुके हैं। इसके बाद दिल्ली में संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में भी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एक बेहद जरूरी बैठक होने की बात भी सामने आई थी।

संघ के प्रांत प्रचारकों की बैठक

चित्रकूट में होने जा रही इस प्रांत प्रचारक की बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी हिस्सा लेने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में यूपी विधानसभा चुनावों से पहले संघ के कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के लिए सक्रियता बढ़ाने की रणनीति बनाई जाएगी। इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, डॉ. कृष्ण गोपाल, अरुण कुमार, डॉ. मनमोहन वैद्य, भैया जी जोशी समेत संघ के ज्यादातर सभी बड़े पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही देश भर के सीनियर प्रचारक वर्चुअली बैठक के माध्यम से इस बैठक में हिस्सा लेंगे। वहीं इस बैठक में उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते लोगों में व्याप्त गुस्से को कम करने के लिए भी रणनीति बनाने पर चर्चा की जाएगी।

बीजेपी के खराब प्रदर्शन पर होगा मंथन

दरअसल यूपी पंचायत इलेक्शन में बीजेपी के खराब प्रदर्शन के बाद न सिर्फ पार्टी बल्कि संघ भी प्रदेश में एक्टिव हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान बुरे इंतजामों और इससे हुईं लोगों की मौतों के चलते जनता में काफी गुस्सा है। सपा और कांग्रेस महामारी के दौरान कुप्रबंधन के मसले पर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर रहे टीचरों की मौत, गंगा में बहती हुए शवों, नदी किनारे दफनाई गई लाशें और ऑक्सीजन की कमी जैसे मुद्दों पर बीजेपी घिरी हुई नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और बीजेपी की शीर्ष लीडरशिप इससे संभावित नुकसान को लेकर अलर्ट हो गया है और इससे निपटने की रणनीति पर लगातार चर्चा जारी है।

दत्तात्रेय होसबोले ने किया था चार दिवसीय दौरा

आपको बता दें कि सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने एक जून को लखनऊ का चार दिवसीय दौरा किया था, जिसके बाद यूपी बीजेपी में हलचल बढ़ गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बैठक के दौरान हालांकि योगी मंत्रिमंडल में होने वाले संभावित विस्तार पर भी चर्चा हुई थी। वहीं इस बैठक के बाद ऐसी बातें भी सामने आई थीं कि पार्टी का संगठन राज्य सरकार के रवैये से नाराज चल रहा है।

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