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बिजलीकर्मियों की हड़ताल से मचा हाहाकार, 650 कर्मचारी हुए बर्खास्त

प्रदेश भर में बिजली कर्मचारी अपने मांगो को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं। बिजली ना आने से अब उपभोक्ता भी परेशान हो रहे हैं। हड़ताल के चलते बिजली विभाग में अब तक 650 संविदाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है।

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लखनऊ

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Anand Shukla

Mar 18, 2023

UP Electricity Workers Strike

हड़ताल पर बैठे हुए बिजलीकर्मी

बिजली कर्मचारियों का प्रदेशव्यापी हड़ताल का आज दूसरा दिन है। बिजली कर्मचारी काम पर नहीं जा रहे हैं। इसका असर अब आम लोगों पर पड़ रहा है। बिजली कटौती से परेशान लोगों ने कई जिलों में पॉवर सब स्टेशन के बाहर हंगामा भी किया।

बिजली कर्मचारी के काम पर ना जाने से विभाग उन पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। अब तक 650 संविदा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। कर्मचारी उपस्थित न करा पाने पर 7 एजेंसियों पर भी एफआईआर दर्ज किया गया है। जिन एजेंसियों पर FIR हुई उन्हें प्रतिबंधित भी किया गया है। ये एजेंसियां भविष्य में निगम में काम नहीं कर सकेंगी।

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ऊर्जा मंत्री दोपहर में करेंगे प्रेस काफ्रेंस

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बिजली कर्मचारी के हड़ताल के बारे में 12 बजे प्रेस काफ्रेंस करेंगे। विद्युत व्यवस्था, आपूर्ति व कार्य व्यवधान पर अब तक की गई करवाई तथा सरकार की मंशा के बारे में जानकारी देंगे।

आम लोगों को हो रही परेशानी

बिजली कटौती से आम लोगों को अब परेशानी हो रही है। यूपी के कई जिलों में गुुरुवार शाम से बिजली नहीं बिजली आपूर्ति बाधित है। वहीं शुक्रवार को आंधी और बारिश के कारण कई जगहों पर फॉल्ट हो गया। स्ट्राइक पर गए कर्मचारियों ने उसे दुरूस्त नहीं किया। इससे उन इलाकों में बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी।

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हड़ताल पर बैठे बिजलीकर्मियों की क्या है मांग ?

1. बिजली कर्मचारियों को कई सालों लंबित बोनस का भुगतान किया जाए।

2. कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर की जाए।

3. 25 हजार करोड़ रूपये के मीटर खरीद आदेश को रद्द किया जाए।

4. बिजली कर्मियों की सुरक्षा के लिए पावर सेक्टर इम्प्लॉइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।

5. दिल्ली, पंजाब एवं तेलंगाना जैसे राज्यों की तर्ज पर बिजली निगमों के सभी सदस्यों को नियमित किया जाए।

6. 9 साल, 14 साल और 19 साल की सेवा के बाद तीन प्रमोशन वेतनमान दिया जाए।

7. सभी बिजली कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाए।

8. निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत, निदेशकों, प्रबंध निदेशकों एवं चेयरमैन के पदों पर नियुक्ति हो। बिजली कर्मचारी मौजूदा चेयरमैन एम देवराज को हटाने की मांग कर रहे हैं।

9. 765/400/220 केवी विद्युत उपकेंद्रों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से चलाने का निर्णय रद्द किया जाए।

10. पारेषण में जारी निजीकरण की प्रक्रिया को रद्द किया जाए।

11. आगरा फ्रेंचाइजी और ग्रेटर नोएडा का निजीकरण निरस्त किया जाए।