25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे हादसा: रोड बनाने वाली कंपनी को यूपी सरकार ने दिया था करोड़ों का इनाम

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का निर्माण आगरा स्थित पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड ने किया था।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Abhishek Gupta

Aug 04, 2018

Expressway

Expressway

लखनऊ. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का निर्माण आगरा स्थित पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड ने किया था। खबर है कि निर्माण को समय से 6 महीने पहले ही पूरा करने के लिए सीएम योगी की सरकार द्वारा इस कंपनी को इनाम के रूप में 58 करोड़ रुपये का बोनस दिया गया था। आपको बता दें कि आगरा के महापौर नवीन जैन (बीजेपी) के भाई के स्वामित्व वाली फर्म ने आगरा से फिरोजाबाद तक एक्सप्रेसवे के 56.134 किमी की रोड का निर्माण किया था। बुधवार को इसी एक्सप्रेसवे की सर्विल लेन का एक हिस्से ढस गया। इसमें 50 फीट गहरा सिंकहोल हो गया जिसमें एक एसयूवी कार गिर गई थी। सौभाग्य से, वाहन में सवार चारों लोगों को बचा लिया गया था।

नियम के अनुसार कंपनी को मिलता है बोनस-

वित्तीय वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही के लिए पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड की राजस्व रिपोर्ट में यह उल्लेख है कि 302 किमी एक्सप्रेसवे के एक भाग के समय से पहले निर्माण हो जाने पर कंपनी को यूपी सरकार से बोनस के रूप में 58 करोड़ रुपये मिले। नीतिगत फैसले के तहत, कई राज्य सरकारें परियोजनाओं के जल्द समापन के लिए फर्मों का पुरस्कार देती हैं।

जांच के लिए 12 दिनों का वक्त-

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी ने एक अखबार को बताया कि केंद्र सरकार की एजेंसी, आरआईटीईएस को एक्सप्रेसवे के आगरा-फिरोजाबाद रोड पर हुए नुकसान की वजह का पता लगाने व अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 12 दिनों का वक्त दिया दया है। पीएनसी इंफ्राटेक ने इसका निर्माण किया था और अब इसे अपनी लागत पर इसे बहाल करना होगा।

आगरा मेयर का ये है कहना-

वहीं इस मामले पर आगरा के मेयर का कहना कि परिवार का एक सदस्य होने के नाते मैं कह सकता हूं कि प्रोजेक्ट का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया था। राइट्स नाम की तीसरी पार्टी की जांच ने भी इसमें कोई कमी नहीं पाई थी। नवीन जैन ने आगे कहा कि इस स्ट्रेच को इसी साल विभाग को सौंपा गया था, लेकिन इस सड़क की देखभाल प्रोटोकॉल के आधार पर नहीं की गई थी। सड़क पर पानी जमा होने के कारण से वो धंस गई, इस समस्या को एक योजना के तहत हल करना चाहिए। यूपी सरकार के अधिकारियों के निर्देश पर मरम्मत का काम गुरुवार से शुरू हो गया है।