
साड़ दिखना दुर्लभ हो जाएंगे।
Lok Sabha 2024: सड़कों से लेकर खुले जगहों तक कहीं भी निराश्रित पशु जैसे गाय, बैल या सांड नहीं दिखेंगे। सरकार इसे लेकर बड़ा अभियान छेडऩे जा रही है। इसके लिए तैयार कर ली गई है, नवंबर के बाद इन पशुओं को मुक्कमल आश्रय स्थलों में रखा जाएगा। यूपी में पशुधन और दुग्ध विकास के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह अब निराश्रित पशुओं को लेकर जाग गए हैं। उन्होंने इसके लिए व्यापक रुपरेखा तैयार कर लिया है और आगामी दो माह बाद से सडक़ों पर गाय, बैल, सांड दिखना दुर्लभ हो जाएंगे।
हांलाकि निराश्रित गोवंश को लेकर मंत्री का कहना है कि सरकार अपना पूरा बजट भी खर्च कर दे तो निराश्रित पशुओं की समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए समाज को जागना होगा लोग अपने पशुओं को खुले में छोडऩा बंद करें। सरकार ने बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है इसके तहत नवंबर तक सभी गोवंश को आश्रय स्थलों में पहुंचा दिया जाएगा।
यह अभियान तीन चरणों में चलाने की तैयारी है। जिसके लिए प्रदेश के सभी मंडलों का तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला चरण 15 सितंबर से पांच अक्टूबर तक छह मंडलों में चलेगा। इसके बाद 20 दिन अगले छह मंडलों में फिर 20 दिन अगले छह मंडलों में ऐसे पशुओं की धरपकड़ की जाएगी।
जिलाधिकारी भी पकड़ेगें निराश्रित गोवंश को
प्रदेश सरकार की ओर से जो योजना बनाई गई है उसमें सभी अधिकारियों को लगाया जाएगा। प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी गोवंश की धरपकड़ को सुनिश्चित करेंगे। पकड़े गए गोवंश की इयर टैङ्क्षगग कराई जाएगी और उसने जो नुकसान किया होगा उसकी भरपाई उससे कराई जाएगी जिसका वह पशु होगा। इसके लिए जरुरी होगा तो सरकार कानूनी कार्रवाई भी करेगी। चाहे पशु क्रूरता अधिनियम ही क्यों न लगाना पड़े।
अखिलेश सरकार ने छोड़े साड़
निराश्रित पशुओं को सरकार अखिलेश यादव सरकार की गलत नीतियों का परिणाम मानती है। जबकि योगी सरकार में काउ सफारी बनाने की बात की गई है। लेकिन मुख्यमंत्री योगी ने गाय को जंगली जानवर नहीं माना जिसके कारण सफारी की योजना नहीं बनाई गई। अब कान्हा अभयारण्य बनाये जाने की तैयारी है।
Updated on:
02 Sept 2023 10:16 am
Published on:
02 Sept 2023 09:54 am
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