
Banking Correspondent Sakhi Yojana: घर-घर पैसे पहुंचाएगी सखी, जानें प्रदेश सरकारी की इस योजना में क्या है खास
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी (Banking Correspondent Sakhi Yojana) योजना की शुरुआत की है। इस योजना के द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को रोजगार का एक बड़ा अवसर दे रही है। योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए सखी की तैनाती की जाएगी। शुरू में ऐसी 58,000 सखी को लगाया जाएगा। पैसों के लेनदेन के लिए इन्हें कमीशन मिलेगा। वर्तमान में इस योजना का पहला चरण है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 35,938 स्वयं सहायता समूहों को 218.49 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड भी प्रदान किया है।
किसे मिलेगा लाभ
इस स्कीम का लाभ उत्तर प्रदेश के गांव में रहने वाली महिलाओं को मिलेगा। ये महिलाएं गांव में लोगों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इन पर गांव के लोगों को जागरूक करने की भी जिम्मेदारी होगी। इस स्कीम के लिए जारी किए गए फण्ड से एनजीओ में सिलाई कढ़ाई और पत्तल मसालों का निर्माण कर रही महिलाओं को लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत भर्ती की गई सखियों का काम बैंकिंग सुविधाएं लोगो के घर तक पहुंचाना होगा। यह लेनदेन पूरी तरह से डिजिटल होगा।
कितनी मिलेगी सैलरी
उत्तर प्रदेश सरकार इन सखियों को 4 से 6 हज़ार रुपए सैलरी देगी। साथ ही इन सखियों को बैंकों द्वारा लेन-देन करने की स्थिति में कमीशन भी दिया जाएगा। इसके अलावा लोगों को बैंकिंग ट्रांजेक्शन कराने के लिए इन्हें कमीशन भी मिलेगा। यह कमीशन ट्रांजेक्शन से जुड़ा होगा। इसके अलावा सखियों को डिवाइस के लिए भी 50 हजार रुपये अलग से दिए जाएंगे। उत्तरप्रदेश सरकार के द्वारा सखी योजना के लिए 430 करोड रुपए का बजट रखा गया है।
उत्तर प्रदेश बैंकिंग सखी योजना का उद्देश्य
उत्तर प्रदेश बीसी बैंकिंग सखी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को रोजगार प्रदान करना और आम जनता को बैंकिंग सुविधाएं डिजिटल रूप में घर पर ही उपलब्ध करवाना है। इस योजना की मदद से लोग घर पर रह कर ही पैसों का लेन देन कर सकते हैं।
Published on:
22 Jun 2020 11:36 am
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