8 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब सभी अधिकारी सांसदों और विधायकों के सामने हाथ जोड़कर करेंगे अभिवादन, फोन उठाना भी होगा जरूरी, मुख्य सचिव का निर्देश

MP-MLA Respected by Authorities: जनप्रतिनिधियों के सम्मान को लेकर यूपी सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। जानिए मुख्य सचिव ने क्या निर्देश दिए हैं?

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Harshul Mehra

May 08, 2026

up government strict about respecting public representatives what chief secretary sp goyal instructions

अधिकारी सांसदों और विधायकों के सामने हाथ जोड़कर करेंगे अभिवादन। फोटो सोर्स-Ai

MP-MLA Respected by Authorities:उत्तर प्रदेश सरकार ने जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल पालन को लेकर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

हाथ जोड़कर स्वागत करने के निर्देश

शासनादेश के अनुसार, यदि कोई सांसद या विधायक किसी कार्यालय में आता है तो संबंधित अधिकारीऔर कर्मचारी उन्हें सम्मानपूर्वक हाथ जोड़कर अभिवादन करेंगे। साथ ही अपनी सीट से उठकर उनका स्वागत करेंगे और बैठने के बाद पानी आदि की व्यवस्था भी करेंगे।

फोन कॉल का जवाब देना होगा जरूरी

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को फोन उठाना होगा और यदि किसी बैठक या अन्य व्यस्तता के कारण कॉल रिसीव नहीं हो पाती है तो जल्द से जल्द कॉल बैक करना अनिवार्य होगा। जरूरत पड़ने पर मैसेज के जरिए भी सूचना देनी होगी।

शिकायतों के बाद जारी हुआ आदेश

दरअसल, सांसदों और विधायकों की ओर से लंबे समय से शिकायत की जा रही थी कि कई अधिकारी उनके फोन नहीं उठाते और न ही वापस कॉल करते हैं। इसी को गंभीरता से लेते हुए शासन ने यह नया निर्देश जारी किया है।

15 पुराने आदेशों का भी दिया हवाला

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने गुरुवार को जारी शासनादेश में कहा कि पहले भी इस विषय पर 15 शासनादेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों के साथ प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। शासन ने इसे बेहद खेदजनक स्थिति बताया है।

बातचीत में सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य

आदेश में यह भी कहा गया है कि जनप्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान अधिकारियों को उनकी बात ध्यानपूर्वक सुननी होगी और यथासंभव समस्याओं के समाधान का प्रयास करना होगा। किसी भी प्रकार का असम्मानजनक व्यवहार या लापरवाही गंभीर माना जाएगा।

नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

सरकार ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी। शासन ने सभी विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है।