
CM Yogi
लखनऊ। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सबसे अधिक प्रयास खुले में शौच रोकने के लिए किया जा रहा है। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही शौचालय निर्माण के लिए अनुदान दे रही है। पहले शौचलय निर्माण के लिए 12 हज़ार की राशि निर्धारित की थी जिसे बढ़ा कर अब 20 हज़ार कर दिया गया है।
सोमवार को गांधी जयंती के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 4 जनपद को खुले में शौच मुक्त यानी ओडीएफ घोषित किया है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि 31 दिसम्बर तक प्रदेश के 30 जिले ओडीएफ कर दिए जाएंगे।
बढ़ाई गयी निर्माण राशि
सीएम योगी पहले ही ऑक्टूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच मुक्त बनाने का टारगेट सेट कर चुके हैं। इस टारगेट को पूरे करने के लिए समय कम है और दूसरी तरफ इन दिनों निर्माण सामग्री में महंगाई की मार से जनता परेशांन है। निगम अधिकारियों को लगातार लोगों से शिकायत मिल रही थी की शौचालय निर्माण के लिए 12 हज़ार कम है। अब सरकार ने अपनी इस योजना में इजाफा करने का मन बनाया है। सरकार ने शौचालय निर्माण की राशि बढ़ा कर 20 हज़ार कर दी है।
नगर विकास विभाग द्वारा इस समबन्ध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। 20 हज़ार की राशि में केंद्र और राज्य सरकार 4-4 हजार रुपए देंगी जबकि 12 हजार रुपए संबंधित नगर निकाय को खर्च करना होगा। लेकिन निगम अधिकारियों के माथे पर आदेश के बाद पसीना दिखने लगा है। इसके पीछे का कारण है कि निकाय आर्थिक तंगी की मार झेल रहे हैं। खुद लखनऊ नगर निगम करोड़ों का बकाएदार है। इसी लिए नयी योजनाओं के लिए खुद कार्यवाहक मेयर सुरेश चंद्र अवस्थी कई बार नगर विकास मंत्री से मुलाकात भी कर चुके हैं।
प्रमुख सचिव, नगर विकास मनोज कुमार सिंह द्वारा ने कहा कि ये बढ़ी लागत उन शौचालयों पर लागू नहीं जिनका निर्माण हो चुका या इस फैसले से पहले शुरू हो गया है।
बजट की व्यवस्था
स्वच्छ शौचालयों के निर्माण हेतु 3,255 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) योजना के अन्तर्गत 1000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है, जो पिछले साल से 67 प्रतिशत ज़्यादा है।
Updated on:
02 Oct 2017 03:38 pm
Published on:
02 Oct 2017 01:07 pm
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