
UP Government Tourism Policy: ढाबों, रेस्त्रत्तं जैसे मध्यम वर्ग के उद्यमियों को भी पर्यटन नीति का फायदा किस तरह से मिले, इस पर आगरा में गुरुवार को पर्यटन विभाग और पर्यटन उद्यमियों के साथ विचार विमर्श किया गया। विभाग की ओर से पर्यटन नीति के प्रचार-प्रसार के लिए ऑनलाइन प्रस्तुतिकरण भी दिया गया।
प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया गया कि किस तरह से पर्यटन नीति 2022 का प्रचार-प्रसार कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ दिलाया जा सके। बारात घर, ढाबे, रेस्त्रत्तं खोलने पर कितनी सब्सिडी सरकार की तरफ से दी जाएगी। उसके बारे में भी विस्तार से बताया गया। साथ ही इन सभी को एमएसएमई, नगर निगम में पंजीकरण कराना होगा।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने सवाल किया कि उनके होटल सराय एक्ट, नगर निगम और एमएसएमई में पहले से ही पंजीकृत हैं तो फिर पंजीकरण कराए जाने की बात व्यावहारिक नहीं है। उनसे तीन गुणा ही टैक्स लिया जाए। अभी तक पांच गुणा लिया जा रहा था। अप्रैल से तीन गुणा देने का शासनादेश भी हो चुका है।
होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के एक अधिकारी ने कहा कि जब पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने की बात है तो बिजली बिलों और प्रापर्टी टैक्स में पांच गुणा टैक्स लेने का कोई औचित्य नहीं है। सभी से तीन गुणा टैक्स ही लेना चाहिए। वह सभी लोग सराय एक्ट में पहले से ही पंजीकृत हैं।
Updated on:
21 Jun 2024 12:06 pm
Published on:
21 Jun 2024 09:28 am
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