
गोरखपुर जेल में बंद सजायाफ्ता कैदी 82 वर्षीय केदार यादव अब आजाद होगा। अच्छे आचरण और बुजुर्ग होने की वजह से शासन ने उसकी दया याचिका को संज्ञान में लेते हुए सजा माफ करने का निर्णय लिया।
इसके बाद कैदी को छोड़ने के लिए गोरखपुर के डीएम के पास शासनादेश भेजा गया है। परिजनों द्वारा दो जमानतदार पेश करने की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कैदी को रिहा कर दिया जाएगा।
महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र स्थित पुरैना गांव निवासी केदार यादव को वर्ष 1988 में हत्या के प्रयास और मारपीट के मामले में गोरखपुर कोर्ट ने 16 मार्च 1991 को पांच साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद सजा के खिलाफ केदार यादव ने हाईकोर्ट में अपील की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने 19 सितंबर 2019 को सजा को बरकरार रखने का फैसला दिया।
केदार यादव ने जेल में अपनी चार साल सजा पूरी कर ली है। उसकी एक साल सजा और बाकी है, जिसे शासन द्वारा माफ किया गया है। शासनादेश में लिखा है कि केदार पर कोई केस न हो तो उसे दो जमानतदार और उतनी ही धनराशि का एक मुचलका प्रस्तुत करने पर कारागार से मुक्त कर दिया जाए।
जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया की सजायाफ्ता कैदी केदार यादव की सजा माफ करने की दया याचिका शासन से स्वीकार कर ली है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। जमानत की औपचारिकताएं पूरी कर उसे जेल से मुक्त कर दिया जाएगा।
Published on:
21 Jun 2024 09:02 am
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