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जानें- क्या है सीलिंग एक्ट, जिसके तहत राजा महमूदाबाद की 421 करोड़ की जमीन होगी जब्त

- एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने सम्बंधित जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं- 50 हजार करोड़ की इमारतों पर पहले से विवाद, कहीं सरकारी आफिस तो कहीं दुकानें खुलीं

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Dec 27, 2020

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जमींदारी उन्मूलन कानून के बाद वर्ष 1961 में सीलिंग एक्ट लागू किया गया था

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. जमीन सीलिंग एक्ट के तहत राजा महमूदाबाद मो. अमीर मोहम्मद खान और उनके परिवार के सदस्यों की करीब 421 करोड़ कीमत की जमीन जब्त होगी। सीतापुर, बाराबंकी और लखीमपुर खीरी में मौजूद 422 हेक्टेअर जमीन सरकार अपने कब्जे में लेगी। इस बाबत एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने सम्बंधित जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

हाईकोर्ट की निर्देशों के आधार पर एडीएम प्रशासन की कोर्ट में जोत सीमारोपण अधिनियम 1960 की धारा (2) के अंतर्गत सरकार बनाम राजा मोहम्मद अमीर अहमद खान के मुकदमे की सुनवाई वर्ष 2007 से चल रही थी। इस बीच कई बार मामला सुर्खियों में रहा तो कई बार अफसरों के दिलचस्पी न दिखाने से मामला ठंडे बस्ते पड़ा रहा। 26 दिसंबर को एडीएम प्रशासन अमरपाल सिंह ने मुकदमा निस्तारित कर 422.005 हेक्टेअर भूमि की सीलिंग का फैसला सुनाया।

क्या है सीलिंग एक्ट
जमींदारी उन्मूलन कानून के बाद वर्ष 1961 में सीलिंग एक्ट लागू किया गया था। इस कानून के तहत किसी भी परिवार को 15 एकड़ से अधिक सिंचित जमीन रखने का अधिकार नहीं है। अगर जमीन असिंचित है तो यह रकबा 18 एकड़ तक बढ़ सकता है। राजा महमूदाबाद और उनके परिजनों के पास लखनऊ, बाराबंकी सीतापुर और लखीमपुर में करोड़ों की संपत्ति है। उत्तराखंड के अलावा पाकिस्तान और अन्य देशों में भी उनकी करोड़ों की संपत्तियां हैं।

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