16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राज्यपाल राम नाईक ने विश्वविद्यालय में भर्ती को लेकर किया बड़ा फैसला

राज्यपाल राम नाईक (Ram Naik) को चुुनाव आयोग की तरफ से राहत।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Dhirendra Singh

Oct 28, 2017

Governor aproved two ordinence and two sent to President

Governor aproved two ordinence and two sent to President

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल व कुलाधिपति सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालयन राम नाईक ने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों की भर्ती पर तात्कालिक रूप से रोक लगा दी है। कुलाधिपति ने यह भी कहा है कि सम्पन्न हो चुके साक्षात्कारों के परिणाम अभी घोषित न किए जाए और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी संशोधित विनियमों को परिनियमावली में समाहित करने के बाद शैक्षिक पदों पर चयन प्रक्रिया पुनः नये नियमों के अनुसार प्रारम्भ की जाए।

विश्वविद्यालय में अनियमितता की शिकायत

राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि शैक्षिक पदों पर भर्ती के लिए नए विज्ञापन जारी करते समय स्पष्ट उल्लेख किया जाए कि जिन अभ्यर्थियों द्वारा पूर्व विज्ञापन के सापेक्ष आवेदन किया गया था, उन्हें पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। यदि अभ्यर्थी पुनः आवेदन करता भी है, तो उसे अपेक्षित शुल्क भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी।
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में शैक्षिक पदों पर भर्ती में अनियमितता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल राम नाईक ने बैठक बुलाई थी। बैठक में विशेष रूप से कुलपति प्रो. यदुनाथ दुबे, राज्यपाल के सचिव चन्द्रप्रकाश, विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल डाॅ. राजवीर सिंह राठौर और कुलपति के विशेष कार्याधिकारी राघवेन्द्र मिश्र उपस्थित थे। 8 अप्रैल 2017 को जारी शासनादेश के अनुसार नये नियमों को विश्वविद्यालय परिनियमावली में समाहित करने के पश्चात भर्ती करने के आदेश थे लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा पुराने नियमों से ही भर्ती की जा रही थी, जिसके संबंध में राज्यपाल से शिकायत की गई थी। बैठक में राज्यपाल ने शैक्षिक पदों पर भर्ती समेत अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया।
राज्यपाल ने बैठक में दीक्षांत समारोह की तिथि पुनः निर्धारित करने और मुख्य अतिथि के रूप में किसी शिक्षाविद को आमंत्रित करने के लिए कहा है।

दीक्षान्त समारोह में शिक्षाविद हो मुख्य अतिथि
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का दीक्षान्त समारोह 27 अक्टूबर को होना था, लेकिन शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की हड़ताल के कारण वह समय से नहीं हो सका। राज्यपाल ने निकाय चुनाव में लागू आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर किसी शिक्षाविद को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के प्रस्ताव को प्रस्तुत करने को कहा है।
राज्यपाल ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रही हड़ताल को समाप्त करने के संबंध में कहा है कि प्राथमिकता पर आवश्यक कदम उठाकर विश्वविद्यालय परिसर में सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जाए। हड़ताल करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों से वार्ता कर उनकी नियमान्तर्गत समस्याओं का निराकरण किया जाए। राज्यपाल ने कहा कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की समस्याओं के संबंध में प्रस्ताव कुलाधिपति सचिवालय को शीघ्र प्रेषित करें।

चुनाव आयोग की छूट
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रदेश के निकाय चुनाव के मद्देनजर राज्यपाल विश्वविद्यालय या संस्थान के दीक्षान्त समारोह में सहभागिकता कर सकते हैं, और उसे संबोधित कर सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने राजभवन को भेजे गए अपने पत्र में कहा है कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक गतिविधियों के उन्नयन संबंधी कार्यक्रम यदि किसी राजनैतिक दल द्वारा आयोजित नहीं कराया जा रहा है, तो वह आदर्श आचार संहित से बाहर होगा