
लखनऊ. अभी तक जो अन्नदाता किसान ऋणमाफी योजना के लाभ सें वंचित रह गये थे, ऐसे किसानों के लिये उत्तर प्रदेश सरकार एकमुश्त समाधान योजना लेकर आई है। इस योजना का फायदा उत्तर प्रदेश के उन किसानों को मिलेगा जो लंबे समय से अभी तक सहकारी ग्राम विकास बैंक का ऋण अदा नहीं कर पाये हैं। एकमुश्त समाधान योजना के तहत किसानों के दीर्घकालीन लोन पर ब्याज माफ कर दिया गया है। इस योजना के तहत लाभान्वित किसानों को ब्याज से छुटकारा मिलेगी और उन्हें केवल मूलधन ही जमा करना होगा। अलग-अलग चरणों में इस योजना का लाभ 31 जनवरी 2019 तक उठाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने बुधवार को किसानों के लिये एकमुश्त समाधान योजना की शुरुआत की। इस दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार की इस योजना से 2.63 लाख किसानों को कर्जमुक्त होने में मदद मिलेगी। बता दें कि सहकारिता विभाग के सहकारी ग्राम विकास बैंक का किसानों पर करीब 2533 करोड़ रुपये का दीर्घकालीन ऋण बकाया है।
सहकारिता विभाग का इतने करोड़ रुपया बकाया
सहकारिता मंत्री ने बताया कि 1028.52 करोड़ मूलधन औऱ 1503.91 करोड़ रुपये के ब्याज को मिलाकर किसानों पर भूमि विकास बैंक का कुल 2532.43 करोड़ रुपया किसानों पर बकाया है। सहकारिता विभाग ने एक एकमुश्त योजना के तहत किसानों का ब्याज माफ कर मूलधन वापस लाने की पहल की है।
नुकसान सहकर भी किसानों का बोझ कम करना है : मंत्री
सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा जो किसान अपने लोन का मूलधन एकमुश्त जमा करेंगे, उनका पूरा ब्याज माफ होगा, वहीं अलग-अलग समय में लिये गये लोन की अदायगी पर 35 से 50 फीसदी तक ब्याज में छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश अपना नुकसान सहकर भी किसानों के कर्ज के बोझ को कम करना है।
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ऐसे मिलेगा एकमुश्त योजना का फायदा
- एक अप्रैल 1997 से पहले ऋण लेकर अदायगी न कर पाने वाले किसानों का पूरा ब्याज माफ कर उनसे सिर्फ मूलधन ही लिया जायेगा।
- एक अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2007 तक सहकारिता बैंक से लोन लेने वाले कर्जदार किसानों को मूलधन के बराबर ही ब्याज देना होगा। इस दौरान अगर किसानों कुछ ब्याज राशि जमा की है तो उसे भी जोड़ लिया जायेगा।
- जिन किसानों ने एक अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2012 के बीच सहकारिता बैंक से लोन लिया था और 30 जून 2017 तक अदा नहीं कर पाये हैं। ऐसे किसान यदि समझौता करके 31 जुलाई 2018 तक खाता बंद कर देते हैं तो उन्हें ब्याज राशि की 50 फीसदी रकम चुकानी होगी। लेकिन अगर यही किसान एक अगस्त 2018 से 31 अक्टूबर 2018 के बीच खाता बंद करते हैं तो ब्याज में 40 फीसदी की छूट और यदि एक नवंबर 2018 से 31 जनवरी 2019 के बीच समझौते के बाद खाता बंद करते हैं उन्हें ब्याज की रकम में 35 फीसदी की छूट दी जाएगी।
Published on:
05 Apr 2018 09:47 am

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