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Brahmin Politics : कोई बीमा, कोई प्रतिमा तो कोई बनवाएगा अस्पताल

- UP Politics : उत्तर प्रदेश में शुरू हुई ब्राह्मण पॉलिटिक्स- बीजेपी, सपा, बसपा, और कांग्रेस की नजर 12 फीसदी ब्राह्मण वोटबैंक पर- ब्राह्मणों का जीवन बीमा और हेल्थ इंश्योरेंस कराएगी बीजेपी- सपा लखनऊ में लगवाएगी परशुराम की 108 फीट ऊंची मूर्ति- बसपा परशुराम की मूर्ति के अलावा उनके नाम पर बनवाएगी अस्पताल और रैनबसेरे- पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की अगुआई में ब्राह्मणों को रिझाने के लिए कांग्रेस चला रही है अभियान

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Aug 17, 2020

Brahmin Politics : कोई बीमा, कोई मूर्ति तो कोई बनवाएगा अस्पताल

सबके अपने-अपने 'बाह्मण' हैं। कोई भगवान परशुराम के नाम पर मूर्तियां बनवाने की तैयारी कर रहा है तो कोई अस्पताल और रैन बसेरे।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
हरिओम द्विवेदी
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों हर तरफ ब्राह्मणों की चर्चा है। हर पार्टी ब्राह्मण नाम की माला जप रही है। हरेक अपने-अपने ब्राह्मण हैं। कोई भगवान परशुराम के नाम पर मूर्तियां बनवाने की बात कर रहा है तो कोई परशुराम के नाम पर अस्पताल और रैन बसेरे। इन सबसे आगे बढ़कर बीजेपी ने नया ट्रम्प कार्ड चलते हुए ब्राह्मणों के लिए जीवन बीमा और हेल्थ इंश्योरेंस कराने की घोषणा कर दी है। सपा ने बीजेपी को जुमला पार्टी कहते हुए कहा है कि बीजेपी जो कहती है वह करती नहीं।

यूपी में करीब 12 फीसदी ब्राह्मण वोट बैंक हैं। विधान सभा चुनाव के पहले इन पर सभी दलों की नजर है। इसीलिए अब भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि वह यूपी में गरीब ब्राह्मणों को न केवल जीवन बीमा की सौगात देगी, बल्कि उनका मेडिकल इंश्योरेंस भी कराएगी। यह दावा बीजेपी के एमएलसी उमेश द्विवेदी ने किया है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही इसे मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। जीवन बीमा जहां गरीब ब्राह़मण परिवारों को वित्तीय सुरक्षा देगा वहीं, मेडिकल इंश्योरेंस से इलाज में काफी सहूलियत मिलेगी। हालांकि, इस बयान पर पार्टी के किसी अधिकृत पदाधिकारी का कोई बयान नहीं आया है।

सपा ने सबसे पहले उठाया था मुद्दा
कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद से प्रदेश में ब्राह्मणों को लेकर सियासत तेज है। लखनऊ में परशुराम की विशाल मूर्ति लगवाने की बात कहकर सबसे पहले ने समाजवादी पार्टी इसे मुद्दा बनाया।

बसपा ने मूर्ति लगाने की बात कही
बसपा प्रमुख मायावती ने एक कदम आगे चलते हुए कहा कि बसपा की सरकार बनने पर वह सपा से भी भव्य परशुराम की मूर्ति लगवाएंगी। उनके नाम पर अस्पताल खोलेगी।

कांग्रेस ने कहा, ब्राह्मण होगा सीएम
कांग्रेस ने कहा है कि यूपी में ब्राह्मण नेता को वह सीएम उम्मीदवार बनाकर विधान सभा का चुनाव लड़ेगी। सपा-बसपा और कांग्रेस तीनों ने ही परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है।

बीमा पर बयान
यूपी सरकार द्वारा गरीब ब्राह्मणों का बीमा इस वर्ग के प्रति केवल कमियों पर पर्दा डालने के लिए है। ब्राह्मण समाज को बीमा से पहले सरकार से अपने मान-सम्मान व पूरी सुरक्षा की गारंटी चाहिए। सरकार इस ओर ध्यान दे तो बेहतर।- मायावती, बसपा प्रमुख

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सपा बोली जुमला बयान
समाजवादी पार्टी ने भगवान परशुराम की 108 फीट ऊंची मूर्ति लगवाने के ऐलान के साथ कहा कि ब्राह्मणें को बीमा का एलान भारतीय जुमला पार्टी का नया जुमला है।

बसपा का कम्युनिटी सेंटर
मायावती सत्ता में आते ही भव्य परशुराम की मूर्ति लगवाएगी। बड़ी संख्या में आधुनिक अस्पताल औऱ जरूरी सुविधाओं से युक्त कम्यूनिटी सेंटर बनवाएगी।

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ब्राह्मण वोट बैंक पर
आजादी के बाद से अब तक उत्तर प्रदेश में 6 ब्राह्मण मुख्यमंत्री बने हैं। हालांकि, 1990 के मंडल आंदोलन के बाद यूपी को कोई ब्राह्मण मुख्यमंत्री नहीं मिला। 1991 में जब पहली बार बीजेपी की सरकार बनी, तब बीजेपी ने पिछड़ी जाति के कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री बनाया। उसके बाद बीएसपी और सपा ने मिलकर सरकार बनाई। उस समय ब्राह्मणों का महत्व यूपी की राजनीति में थोड़ा कम हुआ। सियासत में यहे सिलसिला वर्ष 2007 तक मायावती के मुख्यमंत्री बनने तक जारी रहा।

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