
मंडी परिषद निदेशक जेपी सिंह ने कहा कि भविष्य में जरूरत होने पर स्वीकृत पदों के अलावा जरूरी कामों के लिए आउटसोर्सिंग पर स्टाफ रखने का विचार किया जाएगा।
लखनऊ. कोरोना महामारी (Corona Virus) के चलते निजी क्षेत्रों व संविदा (Contract Workers) पर काम रहे तमाम लोगों की नौकरी चली गई है तो कइयों की नौकरी पर संकट के बाद मंडरा रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल मंडी परिषद (Mandi Parishad) के 300 से ज्यादा कर्मचारियों की जिनकी नौकरी पर संकट (Outsourcing Jobs) के बादल मंडरा रहे हैं। मंडी परिषद ने विभिन्न मंडियों में आउटसोर्सिंग (Outsourcing) पर रखे गये कर्मियों का कार्य अनुबंध 30 जून के बाद न बढ़ाने का फैसला किया है। यह अनुबंध 31 मार्च 2020 तक था, जिसे कोरोना संकट के कारण 30 जून तक विस्तार दिया गया है।
मामले में मंडी परिषद निदेशक जेपी सिंह (Mandi Parishad Director JP Singh) ने बताया कि नए प्रावधानों के तहत मंडी का कार्य सिर्फ मंडी तक ही सीमित रह गया है। ऐसे में हमारे पास नियमित कर्मी ही पर्याप्त हैं, इसलिए आउटसोर्सिंग का अनुबंध न बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। भविष्य में जरूरत होने पर स्वीकृत पदों के अलावा जरूरी कामों के लिए आउटसोर्सिंग पर स्टाफ रखने का विचार किया जाएगा।
Published on:
23 Jun 2020 12:52 pm
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