
राजभर के बगावती तेवर! नहीं रही सरकार में रहने की चिंता, सीएम योगी को दिया बड़ा चैलेंज
लखनऊ. खुद को भाजपा का इकलौता विपक्ष मानने वाले योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को बीजेपी पर तीखा निशाना साधा है। राम मंदिर मुद्दे पर कबीना मंत्री ने कहा कि भावनाएं भड़काकर वोट लेने की साजिश है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय के बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री राजभर ने कहा कि हमें अनावश्यक क्यों ढो रहे हैं, हिम्मत हो तो हटा दें। गौरतलब है कि बीते दिनों महेंद्रनाथ पांडेय ने उन्हें 'आवश्यक बुराई' करार देते हुए कहा था कि वह उन्हें ढो रहे हैं। 'विनाशकाले विपरीत बुद्धि' वाले सीएम योगी के बयान पर भी राजभर ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो वह हमें हटा क्यों नहीं देते?
आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा संग गठबंधन पर सुहेलदेव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि इस मामले में उनकी पार्टी सही समय पर निर्णय लेगी। अब समय ही बताएगा कि हम उनके साथ रहेंगे या नहीं। फिलहाल हम भाजपा के साथ है। लेकिन मैं गलत बात को हमेशा विरोध करता रहूंगा। बीजेपी की कमल संदेश यात्रा पर निशाना साधते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कह रहे हैं कि देश के 100 करोड़ हिंदू उन्हीं के साथ हैं, तो फिर भाजपाई मोटरसाइकिल लेकर सड़कों पर क्यों घूम रहे हैं?
भावनाएं भड़काकर वोट लेने की साजिश
अयोध्या के राम मंदिर पर विहिप और अन्य संगठनों की मांग पर सुभासपा प्रमुख ने कहा कि यह राम मंदिर के नाम पर भावनाएं भड़काकर वोट लेने की साजिश है। उन्होंने कहा कि जब अयोध्या मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो इस मुद्दे पर फिजूल की बातें क्यों की जा रही हैं? कहा कि मैं हमेशा सच ही कहूंगा, सरकार चाहे तो उन्हें हटा दे। मंत्री पद गंवाने से मैं कतई नहीं डरता।
सरकार के पास पिछड़ों के लिए समय नहीं
प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राजभर ने कहा कि सरकार के पास पिछड़ों के लिए काम करने का समय ही नहीं है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से लखनऊ में पार्टी के लिए एक कार्यालय की मांग की, जिसे अब तक नहीं दिया गया। पिछड़ों के लिए कोटा में कोटा लागू करने की बात की थी, लेकिन इस सम्बंध में अब तक रत्ती भर भी प्रगति नहीं हूई। दो-तीन महीने बाद लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी, तब क्या करेंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हम वंचित वर्ग के लोग हैं। 40-50 साल पहले जिन स्कूलों में पढ़कर बच्चे वैज्ञानिक-डॉक्टर बनते थे, आज उनका स्तर गिर गया है। यही कारण है कि आज किसी अधिकारी या नेता का बेटा सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ता है। कहा कि अगर हम बुनियादी शिक्षा प्रणाली में सुधार की बात कर रहे हैं तो विनाशकाले विपरीत बुद्धि का बयान दिया जा रहा है।
Published on:
18 Nov 2018 07:01 pm
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