
यूपी विधान परिषद उपचुनाव 2022 के रिक्त दो सीटों के लिए 11 अगस्त को उप चुनाव होना है। पार्टियां तैयारी में जुटी हुईं है। भाजपा दोनों सीटों पर भगवा फहराने में कोई चूक नहीं छोड़ना चाहती है। सोमवार को भाजपा के दो व सपा के एक प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया। भाजपा उम्मीदवार धर्मेंद्र सिंह सैंथवार और निर्मला पासवान ने ने जब अपना पर्चा दाखिल किया उस वक्त उनको संबल देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक मौजूद थे। इसी मौके पर समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार कीर्ति कोल ने भी नामांकन दाखिल किया है।
भाजपा के उम्मीदवार
यूपी विधान परिषद उपचुनाव 2022 की दोनों रिक्त सीटें नेता प्रतिपक्ष रहे अहमद हसन के निधन व ठाकुर जयवीर सिंह के एमएलए चुने जाने के बाद एमएलसी सीट से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई हैं। अहमद हसन की सीट का कार्यकाल 30 जनवरी 2027 व जयवीर की सीट का कार्यकाल पांच मई 2024 तक है। अहमद हसन के निधन से खाली हुई सीट पर भाजपा के धर्मेंद्र सिंह सैंथवार और ठाकुर जयवीर सिंह के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर निर्मला पासवान ने अपना नामांकन दाखिल किया है।
सपा ने चुनौती पेश की
विधान परिषद उपचुनाव 2022 में भाजपा को चुनौती देने के लिए समाजवादी पार्टी ने कीर्ति कोल को अपना उम्मीदवार बनाया है। कीर्ति कोल ने अहमद हसन के निधन से खाली हुई सीट पर सपा प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के नेतृत्व में नामांकन दाखिल किया है। कीर्ति कोल आदिवासी समुदाय से हैं। कीर्ति कोल ने ओमप्रकाश राजभर से समर्थन की अपील करते हुए कहाकि, सभी विधायक एक आदिवासी महिला को विधान परिषद सदस्य निर्वाचित कराने में मदद करें।
चुनाव का अंकगणित
वैसे तो यह संभावना बलवती है कि भाजपा दोनों ही सीटों पर जीत हासिल करे। विधान सभा के 403 विधायकों में से 255 विधायक अकेले भाजपा के हैं जबकि भाजपा गठबंधन की 273 सीटें हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी की 111 सीटें हैं जबकि गठबंधन के सहयोगियों के साथ उसकी 125 सीटें हैं। एमएलसी उपचुनाव में जीत के लिए 202 विधायकों के मतों की ही जरूरत है।
Published on:
01 Aug 2022 05:49 pm
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