
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रदेश में मतदान जारी है(फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
UP MLC Elections: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के लिए मतदान शुरू हो गया है। प्रदेश के 72 जिलों में निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कुल 14,81,310 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि चुनाव मैदान में 152 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मतदान के लिए प्रदेशभर में 2,697 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। मतदान प्रक्रिया सुबह आठ बजे शुरू हुई, जो शाम चार बजे तक निर्धारित है। निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से प्रेक्षकों, सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और मतदान कर्मियों की तैनाती की गई है। मतदेय स्थलों पर निगरानी के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर और वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने भी शुक्रवार को विधान परिषद निर्वाचन के दौरान अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने पूर्वाह्न 10 बजे लखनऊ के गोमतीनगर स्थित केंद्रीय विद्यालय, विकास खंड-2 में बनाए गए निर्धारित मतदेय स्थल के बूथ संख्या 224 पर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित है। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी। निर्वाचन से जुड़ी व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न हो।
इस द्विवार्षिक निर्वाचन में प्रदेश की विधान परिषद की 11 सीटों के लिए कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशी शामिल हैं। चुनाव में राजनीतिक दलों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रत्याशियों की दावेदारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच मुकाबले पर विशेष नजर है। विधान परिषद के इन निर्वाचन क्षेत्रों में स्नातक और शिक्षक मतदाताओं की भूमिका अहम होती है। ऐसे में प्रत्याशियों के लिए मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाना और उनका समर्थन हासिल करना महत्वपूर्ण है। मतदान के बाद आने वाले परिणाम प्रदेश की विधान परिषद में राजनीतिक दलों की स्थिति पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।
निर्वाचन से संबंधित जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 72 जिलों में मतदान की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को लेकर उपलब्ध सूचना में अलग से उल्लेख किया गया है। इन जिलों में मतदान की स्थिति के संबंध में निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी को अंतिम आधार माना जाना चाहिए। निर्वाचन के व्यापक दायरे को देखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मतदाताओं की सुविधा, मतदान कर्मियों की तैनाती और सुरक्षा प्रबंधन के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है। निर्वाचन प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
प्रदेश में विधान परिषद निर्वाचन के लिए कुल 2,697 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इनमें मतदान कराने के लिए 12,309 मतदान कर्मियों की तैनाती की गई है। निर्वाचन प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए 1,108 भारी वाहन और 1,737 हल्के वाहनों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, मतदान केंद्रों की निगरानी और निर्वाचन प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए 11 प्रेक्षक तैनात किए गए हैं। सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था के अंतर्गत 1,041 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 456 जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मतदान केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना, निर्वाचन संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना और किसी भी समस्या की स्थिति में समय पर आवश्यक कार्रवाई करना है। मतदान केंद्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर के साथ वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई है, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी में सहायता मिल सके।
मतदान के दौरान मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र यानी ईपीआईसी महत्वपूर्ण दस्तावेज है। उपलब्ध निर्वाचन संबंधी सूचना के अनुसार, ईपीआईसी उपलब्ध न होने की स्थिति में आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों के आधार पर भी मतदान किया जा सकता है। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और पासपोर्ट सहित निर्धारित अन्य दस्तावेज शामिल हैं। हालांकि, मतदाताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास संबंधित निर्वाचन के लिए आयोग द्वारा मान्य पहचान दस्तावेज उपलब्ध हों और उनका नाम संबंधित मतदाता सूची में दर्ज हो। मतदान केंद्र पर पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। निर्धारित नियमों का पालन करना स्वतंत्र और व्यवस्थित मतदान के लिए आवश्यक है।
राजधानी लखनऊ में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लखनऊ में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन के लिए 121-121 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित मतदाता वर्ग अपने प्रतिनिधि के चयन के लिए मतदान कर रहा है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित पात्रता वाले स्नातक मतदाता मतदान करते हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में संबंधित नियमों के अनुसार पात्र शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। इस कारण इन चुनावों की प्रक्रिया सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होती है। मतदाता सूची, पात्रता और निर्धारित मतदान प्रक्रिया का विशेष महत्व रहता है। राजधानी में मतदान व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासनिक तैयारियां की गई हैं।
प्रदेश की सभी 11 सीटों पर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच मुकाबले को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले विधान परिषद निर्वाचन में समाजवादी पार्टी ने छह और भाजपा ने पांच सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार के निर्वाचन में दोनों दलों के प्रदर्शन पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। हालांकि, मौजूदा चुनाव का वास्तविक परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं की प्राथमिकताएं, प्रत्याशियों का स्थानीय प्रभाव और विभिन्न मुद्दों पर उनका रुख परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग और प्रशासन की ओर से मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया गया है। बड़ी संख्या में मतदेय स्थलों और मतदानकर्मियों की तैनाती को देखते हुए समन्वित निगरानी व्यवस्था महत्वपूर्ण है। सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए तैनात किए गए हैं। माइक्रो ऑब्जर्वर और वीडियोग्राफी की व्यवस्था से भी मतदान प्रक्रिया की निगरानी में मदद मिलने की उम्मीद है। अब सभी की नजर मतदान प्रक्रिया पूरी होने और मतगणना के बाद सामने आने वाले परिणामों पर रहेगी। इन परिणामों से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की स्थिति की तस्वीर स्पष्ट होगी।
Updated on:
23 Oct 2026, 1:12 PM IST
Published on:
23 Oct 2026, 1:07 PM IST
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