UP MLC Result: 11 सीटों में से 3 पर भाजपा, दो पर सपा का कब्जा, जानें अन्य सीटों पर किसने लहराया परचम

शिक्षक गुट का टूटा वर्चस्व
- पढ़े-लिखे लोगों के चुनाव में 48 साल बाद जीती भाजपा
- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में तीन सीट जीतकर लहराया परचम
- सपा एक व दो निर्दलीय जीते
- ओम प्रकाश शर्मा गुट की हार से आएगा बड़ा परिवर्तन
- स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव की मतगणना जारी

By: Abhishek Gupta

Published: 04 Dec 2020, 06:28 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
महेंद्र प्रताप सिंह.
लखनऊ. उप्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 48 साल बाद एक और चुनाव जीत लिया है। आजादी के बाद पहली बार विधान परिषद (Vidhan Parishad) की शिक्षक निर्वाचन सीट की छह में से तीन सीटें भाजपा की झोली में गयी हैं। योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में हुए इस चुनाव में पहली बार शिक्षकों के गुट के वर्चस्व का खात्मा हो गया है। एक सीट पर समाजवादी पार्टी और दो पर निर्दलीय विजयी हुए हैं। जबकि, स्नातक निर्वाचन की पांच सीटों में से खबर लिखे जाने तक का का परिणाम घोषित हुआ है। इस पर समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की है। बाकी पर भाजपा और निर्दलीय आगे चल रहे हैं। सबसे तगड़ा झटका शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले ओम प्रकाश शर्मा गुट को लगा है। शिक्षक गुट का सिर्फ एक प्रत्याशी चुनाव जीत सका है। जबकि, पिछले 48 साल से लगातार जीत रहे ओमप्रकाश शर्मा खुद चुनाव हार गए हैं।

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शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे आए-
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को यूपी में पढ़े-लिखे लोगों का चुनाव कहा जाता है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पूरे यूपी में कुल छह सीटों के लिए चुनाव हुए। इनमें मेरठ-सहारनपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार श्रीचंद शर्मा ने शिक्षक दल के नेता और आठ बार से लगातार विधान परिषद रहे ओम प्रकाश शर्मा को करारी शिकस्त दी है। लखनऊ क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी जीते हैं। इन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी को हराकर यह जीत हासिल की है। बरेली-मुरादाबाद सीट पर भाजपा के ही डॉ. हरी सिंह ढिल्लों जीते हैं। जबकि, वाराणसी सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने ओम प्रकाश शर्मा गुट के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र को हराया है। आगरा में निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा के दिनेश चंद्र वशिष्ठ को हराकर सीट अपने कब्जे में कर ली। सिर्फ मुख्यमंत्री के गृह जिले वाली गोरखपुर-फैजाबाद मंडल सीट पर शर्मा गुट के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने जीत दर्ज की है। त्रिपाठी लगातार तीसरी बार जीतने वाले पहले प्रत्याशी हैं। इन्होंने वित्त विहीन शिक्षक महासंघ के प्रत्याशी अजय सिंह को हराया है।

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स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना जारी, एक पर सपा जीती
उप्र विधान परिषद के लिए स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की कुल पांच सीटों के लिए चुनाव हुए हैं। इनमें अभी झांसी-प्रयागराज खंड का परिणाम आया है। इस सीट पर वर्षों से काबिज डॉ. यज्ञदत्त शर्मा चुनाव हार गए हैं। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव यहां से विजयी हुए हैं। लखनऊ, वाराणसी, आगरा और मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना जारी है। वाराणसी स्नातक सीट से सपा के आशुतोष सिन्हा आगे चल रहे हैं जबकि, आगरा खंड स्नातक सीट पर भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह ने बढ़त बनायी है। इन सभी सीटों के लिए एक दिसंबर को मतदान हुआ था।

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भाजपा ने ऐसे तोड़ा तिलिस्म-
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वर्षों से काबिज शिक्षक नेताओं के तिलिस्म को पहली पार भाजपा तोडऩे में सफल रही है। आजादी के बाद पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा बनाकर लड़ा। डेढ़ साल पहले से ही इसकी तैयारियां शुरू कर दी गयीं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहली बार वित्त विहीन स्कूलों के शिक्षकों को भाजपा सरकार ने मत देने का अधिकार दिलाया। इसका उसे फायदा मिला। और सालों से काबिज शर्मा गुट को मुंह की खानी पड़ी।

कैसे होता शिक्षक और स्नातक निर्वाचन का चुनाव
यूपी सहित देश के पांच अन्य राज्यों में विधान परिषद (एमएलसी) यानी उच्च सदन का अस्तित्व है। विधान परिषद की यूपी में 100, महाराष्ट्र में 78, कर्नाटक में 75, बिहार में 58 और तेलंगाना में 40 सीटें हैं। विधान परिषद सदस्य का कार्यकाल छह साल का होता है। इन्हीं सीटों में से कुछ सीटें शिक्षक और स्नातक कोटे की होती हैं।

यूपी में 100 सीटों में 16 सीटें आरक्षित-
यूपी विधानसभा में कुल 403 सदस्य हैं। जबकि, विधान परिषद में 100 सीटें हैं। इनमें एक तिहाई यानी 38 सदस्यों को विधायक चुनते हैं। 36 को नगर निगम, नगरपालिका, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनते हैं। जबकि 8 सदस्यों को शिक्षक और 8 सदस्यों को रजिस्टर्ड स्नातक चुनते हैं। 10 मनोनीत सदस्यों को राज्यपाल नॉमिनेट करते हैं। अभी 16 में से कुल 11 सीटों के लिए ही चुनाव हो रहे हैं।

कौन लड़ सकता है चुनाव-
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में न्यूनतम 30 साल की उम्र वाले यूपी के स्कूलों के हाईस्कूल के शिक्षक, प्रधानाचार्य और कॉलेज प्रोफेसर प्रत्याशी होते हैं। हाईस्कूल और उसके ऊपर पढ़ाने वाले सरकाकरी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षक ही वोट डाल सकते हैं। शर्त यह है कि मतदाता को तीन साल पढ़ाने का अनुभव होना चाहिए। जबकि, स्नातक निर्वाचन सीट के लिए स्नातक के तीन साल बाद मतदाता बनाया जाता है। यानी स्नातक ही वोट दे सकता है। और ग्रेजुएट ही प्रत्याशी बन सकता है।

परिणाम एक नजर में
क्षेत्र- विजयी प्रत्याशी- दल
1.लखनऊ खंड शिक्षक- उमेश द्विवेदी- भाजपा
2.आगरा खंड शिक्षक- डॉ आकाश अग्रवाल- निर्दलीय
3.वाराणसी खंड शिक्षक- लाल बिहारी यादव- सपा
4.मेरठ खंड शिक्षक- श्रीचंद शर्मा- भाजपा
5.बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक- डॉ हरि सिंह ढिल्लो- भाजपा
6.गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक- ध्रुव कुमार त्रिपाठी- निर्दलीय

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