
विधानमंडल का मानसून सत्र आज से, ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ पर 24 घंटे होगी विशेष चर्चा फोटो सोर्स : Patrika
UP Monsoon Session: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को साफ संकेत दिए कि सोमवार से शुरू हो रहे विधानमंडल के मानसून सत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्ष के हर हमले का करारा, सशक्त और तथ्यों से भरपूर जवाब देगी। मुख्यमंत्री ने यह संदेश एनडीए विधायक दल की बैठक में दिया, जिसमें पार्टी के सभी मंत्रियों, विधायकों और सचेतकों को विपक्ष के संभावित मुद्दों और रणनीति के बारे में विस्तार से बताया गया।
योगी ने बैठक में साफ कहा कि विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा, जिसमें बेसिक स्कूलों की स्थिति, पेयरिंग की समस्या (शिक्षक नियुक्ति एवं समायोजन), खाद आपूर्ति, बिजली संकट और किसानों की समस्याएं प्रमुख रह सकती हैं। उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को निर्देश दिया कि वे इन सभी विषयों पर सरकार की उपलब्धियों, आंकड़ों और योजनाओं के साथ पूरी तैयारी करके सदन में आएं, ताकि विपक्ष के आरोपों का ठोस जवाब दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि "सदन में हमारा जवाब न केवल सशक्त होना चाहिए, बल्कि सकारात्मक भी। हम तथ्यों, आंकड़ों और जमीनी उपलब्धियों से विपक्ष को करारा उत्तर देंगे।"
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सत्र में सरकार ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ नामक विजन डॉक्यूमेंट पेश करेगी। यह डॉक्यूमेंट प्रदेश के विकास का रोडमैप है, जिसमें अगले 25 वर्षों के लक्ष्य, योजनाएं और रणनीतियां शामिल हैं। इस पर लगातार 24 घंटे चर्चा होगी, जिसमें भाजपा के विधायक और मंत्री प्रदेश की विकास यात्रा, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं विस्तार से पेश करेंगे। मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि चर्चा के दौरान विपक्ष अवरोध उत्पन्न करने या वाकआउट करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन भाजपा को बिना विचलित हुए अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर ‘प्रदेश-2047’ शीर्षक से प्रकाशित एक विशेष पुस्तक का भी विमोचन किया। इस पुस्तक में 1950 से अब तक उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का विस्तृत ब्यौरा, सांख्यिकीय आंकड़े और विभिन्न योजनाओं का विवरण शामिल है। यह पुस्तक भाजपा विधायकों को वितरित की गई है, ताकि वे सदन की चर्चा के दौरान इसमें दर्ज तथ्यों का उपयोग कर सकें। योगी ने कहा कि यह पुस्तक विपक्ष के भ्रामक दावों का प्रभावी जवाब देने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी विषयों पर सरकार की ओर से जवाबी आंकड़े, योजनाओं के परिणाम, और सुधार की दिशा में उठाए गए कदम स्पष्ट रूप से पेश किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने भाजपा के सचेतकों से भी मुलाकात की और उन्हें विपक्ष की संभावित रणनीति पर सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सचेतक समय-समय पर सभी विधायकों को विपक्ष के सवालों और बहस की दिशा के बारे में आगाह करते रहें, ताकि भाजपा की ओर से एकजुट और तैयार प्रतिक्रिया दी जा सके। योगी ने कहा कि "हमारा जवाब केवल पलटवार नहीं होना चाहिए, बल्कि एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विकास और उपलब्धियों को सामने रखना चाहिए। यही जनता को संदेश देगा कि भाजपा सरकार केवल बातें नहीं, बल्कि काम कर रही है।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह भी मानना है कि विधानमंडल का सत्र केवल राजनीतिक बहस का मंच नहीं है, बल्कि जनता के लिए सरकार की उपलब्धियों को प्रस्तुत करने का भी अवसर है। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की उपलब्धियों और विकास कार्यों को भी चर्चा में शामिल करें, ताकि जनता तक सकारात्मक संदेश पहुंचे।
विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही यह स्पष्ट है कि विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस होगी। विपक्ष की ओर से जहां शिक्षा, कृषि, बिजली और महंगाई जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे, वहीं भाजपा इन पर अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का ब्योरा पेश करेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सत्र आने वाले महीनों के राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित करेगा, क्योंकि विधानसभा और लोकसभा चुनावी रणनीतियों की पृष्ठभूमि में हर पक्ष अपनी छवि मजबूत करने की कोशिश करेगा।
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Updated on:
11 Aug 2025, 8:40 AM IST
Published on:
11 Aug 2025, 8:40 AM IST
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