
सुषमा खरकवाल जैसी पुरानी कार्यकर्ता को भाजपा ने तरजीह दी है।
भाजपा ने लखनऊ मेयर पद के लिए सुषमा खरकवाल को अपना प्रत्याशी बनाया है। पार्टी ने निवर्तमान मेयर संयुक्ता भाटिया का टिकट काटते हुए सुषमा को चुना है।सुषमा ने पार्टी के कई बड़े नामों को टिकट की रेस में पछाड़ते हुए उम्मीदवार बनने में कामयाबी पाई है।
भाजपा की पुरानी कार्यकर्ता हैं सुषमा
सुषमा खरकवाल भाजपा से करीब साल से जुड़ी हैं और सक्रिय तौर पर काम कर रही हैं। वो भाजपा संगठन में कई पदों पर रही हैं। भाजपा की अवध क्षेत्र की महिला मोर्चा की अध्यक्ष रह चुकीं 59 साल की सुषमा फिलहाल भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य हैं।
गढ़वाल विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वालीं सुषमा सैनिक कल्याण बोर्ड, खाद्य एवं रसद सलाहकार बोर्ड, भारत संचार निगम की एडवाइजरी समिति की सदस्य भी रही हैं।
उत्तराखंड से जुड़ी हैं जड़ें
सुषमा खरकवाल पर्वतीय समाज से आती हैं। ये सरनेम उत्तराखंड के ब्राह्राण लगाते हैं। पर्वतीय समाज की काफी आबादी लखनऊ में है। ऐसे में जाति के आधार पर भाजपा ने ब्राह्राण और पर्वतीय समाज दोनों को साधने का काम किया है।
ये नाम थे लखनऊ मेयर पद की दौड़ में?
लखनऊ मेयर पद के लिए सूबे के दो मुख्यमंत्रियों, बाबू बनारसी दास की बहू अलका दास और मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव का नाम दौड़ में था। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की पत्नी जय लक्ष्मी शर्मा भी चुनाव लड़ने की इच्छुक बताई जा रही थीं।
लखनऊ की निर्वतमान महापौर संयुक्ता भाटिया फिर से टिकट चाहती थीं। अपना टिकट ना होने का स्थिति में अपनी बहू रेशू भाटिया को वो लड़ाना चाहती थीं। पार्टी ने इन सब पर तरजीह देते हुए सुषमा खरकवाल को उम्मीदवार बनाया है।
Updated on:
17 Apr 2023 11:47 am
Published on:
17 Apr 2023 11:41 am
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