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यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, पिछड़ा वर्ग आयोग इस आधार पर तय करेगा आरक्षण!

यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। ओबीसी आरक्षण के लिए नया पिछड़ा वर्ग आयोग जल्द बनेगा और ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Mar 20, 2026

Panchayat Chunav फोटो सोर्स : Social Media

Panchayat Chunav फोटो सोर्स : Social Media

UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव के शेड्यूल पर सख्त रुख अपनाया है। इसके बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कई बयान दिए हैं। उन्होंने कहा है कि चुनाव समय पर होंगे और कोई देरी नहीं होगी।

हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद सरकार का जवाब

हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार से पूछा है कि क्या वे तय समयसीमा में चुनाव करा पाएंगे या नहीं। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 26 मई 2026 से पहले पूरा शेड्यूल पेश किया जाए। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद ओपी राजभर ने कहा कि 25 मार्च को सरकार अदालत में अपना जवाब दाखिल कर देगी। उन्होंने लोगों की आशंकाओं को दूर किया कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) या बोर्ड परीक्षाओं के कारण चुनाव टल सकते हैं। राजभर ने कहा कि यह भ्रम है और गलत फैलाया जा रहा है।

चुनाव की तैयारियां पूरी, मतपत्र पहुंच चुके

मंत्री राजभर ने बताया कि पंचायत चुनाव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मतपत्र छपकर जिलों में पहुंच चुके हैं। मतदाता सूची का प्रकाशन 15 अप्रैल तक कर दिया जाएगा। इससे साफ है कि चुनाव की प्रक्रिया रुकी नहीं है। सरकार हाईकोर्ट के आदेश का पूरा पालन करेगी।

पिछड़ा वर्ग आयोग कब बनेगा?

ओबीसी आरक्षण को लेकर सबसे बड़ा सवाल पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का है। मीडिया से बात करते हुए ओपी राजभर ने कहा कि आयोग का गठन जल्द ही हो जाएगा। अगली कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लग सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई नया बड़ा सर्वे नहीं होगा। आरक्षण की व्यवस्था 2011 की जनगणना के आधार पर रोटेशनल तरीके से बनाई जाएगी। पूरी प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा।

ट्रिपल टेस्ट और ओबीसी आरक्षण का मुद्दा

यूपी में पंचायत चुनाव टलने या देरी का मुख्य कारण ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की कानूनी जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने से पहले एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग बनाना जरूरी है। इस आयोग को पिछड़े वर्ग की आबादी, उनकी पिछड़ापन की स्थिति और आरक्षण की जरूरत का वैज्ञानिक आकलन करना होता है। पिछला आयोग का कार्यकाल खत्म हो चुका था। सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा देकर माना है कि पहले नए आयोग का गठन करेगी। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों का आरक्षण तय होगा। इस प्रक्रिया में समय लगने से पहले चुनाव में देरी हुई, लेकिन अब सरकार ने साफ किया है कि जुलाई तक सब पूरा हो जाएगा।

चुनाव कब तक पूरे होंगे?

ओपी राजभर ने बड़ा ऐलान किया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 12 जुलाई 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे। ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्षों का चुनाव इस समयसीमा में होगा। किसी का भी कार्यकाल जुलाई से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन होगा।