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UP Panchayat Chunav : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बारे में जानें पूरी डिटेल, जिसे जानना चाहते हैं आप

UP Panchayat Chunav 2020-21 : ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत चुनाव के बारे में ये है लेटेस्ट अपडेट, बदलेंगे कई नियम

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Sep 05, 2020

UP Panchayat Chunav : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बारे में जानें पूरी डिटेल, जिसे जानना चाहते हैं आप

उत्तर प्रदेश में इसी वर्ष पंचायत चुनाव होने थे, क्योंकि 25 दिसंबर को ग्राम प्रधान समेत सभी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है

लखनऊ. पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) कब होंगे? अभी कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और न ही नए नियमों का शासनादेश जारी हुआ है, बावजूद ग्राम पंचायतों (Gram Pradhan) के वर्तमान जनप्रतिनिधियों और संभावित प्रत्याशियों की धुकधुकी बढ़ गई है। चर्चा है कि इस बार नए नियमों के तहत त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होंगे। इसके तहत हर कैटेगरी में आठवीं पास कैंडिडेट ही पंचायत चुनाव लड़ पाएंगे। इसके अलावा दो से अधिक बच्चे वाले उम्मीदवार भी अयोग्य घोषित किए जा सकते हैं। ऐसे में चुनाव लड़ने की तैयारियों में मशगूल वर्तमान प्रधान, बीडीसी व डीडीसी और संभावित प्रत्याशी निर्वाचन की रेस से बाहर हो जाएंगे। पंचायत चुनाव में पहली बार नोटा (NOTA) का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में इसी वर्ष पंचायत चुनाव होने थे, क्योंकि 25 दिसंबर को ग्राम प्रधान समेत सभी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। कोरोना संक्रमण (Covid 19) के चलते अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो अगले वर्ष यानी जून 2021 तक योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Sarkar) पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2020-21) करा सकती है। हालांकि, निर्वाचन विभाग का दावा है कि तैयारी में देर नहीं लगेगी। इस बीच सिर्फ वोटर सूची का पुनरीक्षण अभियान (Voter List Revision Campaign) ही चलेगा।

..तो 60-70 फीसदी प्रधान नहीं लड़ पाएंगे चुनाव?
आगामी पंचायत चुनाव में दो से ज्यादा बच्चों वाले दावेदारों को भी झटका लग सकता है। साथ ही उम्मीदवारों के लिए आठवीं पास होना बेहद जरूरी होगा। आगामी पंचायत चुनाव में यह व्यवस्था लागू हो सकती है। अभी सिर्फ मसौदा तैयार होने की बात कही जा रही है। इसको लेकर विधेयक या कानून नहीं बना है। अगर ऐसा नियम लागू हुआ तो 60-70 फीसदी प्रधान चुनाव लड़ने से वंचित हो जाएंगे। ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष भी इस कानून के दायरे में आएंगे। इसको लेकर संभावित प्रत्याशी, मौजूद प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्यों की ह्रदय गति तेज हो गई हैं।

मिलेगा नोटा का विकल्प
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में इस बार मतदाताओं को नोटा (NOTA) का विकल्प भी दिया जाएगा। मतलब प्रत्याशियों के पास विकल्प रहेगा कि अगर उन्हें कोई उम्मीदवार पसंद नहीं आया तो वह नोटा (None of the Above) का इस्तेमाल कर सकेंगे।

यह भी जानें
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि विधानसभा (UP Vidhansabha Chunav) में प्रयोग की गई मतदाता सूची का ही प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा वे सभी अधिकारी जो पिछले तीन या उससे अधिक वर्षों से अपने गृह जिले में पोस्टेड हैं और चुनाव की प्रक्रियाओं से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं, उन्हें वहां से हटाया जाएगा। पिछली बार के पंचायत चुनाव चार चरणों में हुए थे, जबकि सुरक्षा कारणों से इस बार चुनाव पांच चरणों में हो सकते हैं।

पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे सभी दल
उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख राजनीतिक दल (Samajwadi Party, Congress , BSP, BJP) इस बार पंचायत चुनाव में अपने हाथ आजमाएंगी। इसे देखते हुए सभी पार्टियां जिलों में अपने संगठन को मजबूत कर रही हैं। हर दल के लिए यह पंचायत चुनाव बेहद अहम रहने वाले हैं, क्योंकि 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव (UP Vidhansabha Chunav 2022) होंगे। ऐसे में पंचायत चुनाव में जिसका ज्यादा प्रतिनिधित्व होगा, उसकी उतनी ही पकड़ मजबूत मानी जाएगी।

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