Panchayat Election: देवरानी को मिला भाजपा से टिकट तो मुकाबले में उतरी जेठानी, बीजेपी विधायक के भाई भतीजे हुए बागी, निर्दलीय भरा पर्चा

  • बीजेपी ने देवरानी को दिया टिकट तो गुस्साये बड़े भाई ने छोटे को घर से निकाला
  • भाजपा विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी के परिवार में बगावत
  • टिकट नहीं मिला तो बीजेपी विधायक के भाई-भतीजे निर्दल चुनाव मैदान में कूदे

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

हाथरस/भदोही. पंचायत चुनाव में टिकट को लेकर घमासान दिखने लगा है। कहीं टिकट न मिलने पर पार्टी से बगावत तो कहीं टिकट के लिये परिवार में कलह खुलकर सामने आग गई है। भदोही में भाजपा विधायक रविंद्र त्रिपाठी के भाई और दो भतीजों को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया तो वो निर्दल ही मैदान में कूद गए। उधर हाथरस में टिकट को लेकर प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व उर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के परिवार की कलह खुलकर सामने आ गई। भाजपा ने छोटे भाई पूर्व विधायक मुकुल उपाध्याय की पत्नी को जिला पंचायत का टिकट दे दिया तो टिकट को लेकर कलह हो गई। छोटे भाई की पत्नी को छोटे भाई की पत्नी को टिकट मिलते ही रामवीर उपाध्याय ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी पत्नी को भी उसी सीट से उतार दिया। उन्होंने छोटे भाई पर गंभीर आरोप भी लगाए।


रामवीर उपाध्याय के परिवार में लंबे समय से चल रही पारिवारिक कलह पंचायत चुनाव में टिकट को लेकर खुलकर सामने आ गई। भाजपा ने मुकुल उपाध्याय की पत्नी रितु उपाध्याय को वार्ड नंबर 14 से टिकट दिया है। टिकट फाइनल होने के बाद रामवीर प्रेस कांफ्रेंस कर भाई पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि मुकुल को मैंने पालकर बड़ा किया और इस मुकाम तक पहुंचाया। विधायक से लेकर बसपा सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा, यूपी कोआर्डिनेटर तक बनवाया। एमएलसी और लोकसभा चुनाव लड़वाया। उसके चुनाव में गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ की कोठी तक बिक गईं, दुश्मनियां भी मोल लीं। पर वह ऐसा करेगा कभी सोचा नहीं था। मुकुल पर आगरा रोड के मकान के एक हिस्से पर कब्जा करने का आरोप लगाया।


कहा कि वार्ड नंबर 14 से कल्पना उपाध्याय को चुनाव लड़ाने की बात तय हो चुकी थी। विनोद और सरोज उपाध्याय दोनों सादाबाद और सहपऊ के वार्ड से लड़ रहे हैं। वह अपने बेटे और पत्नी को कहीं से चुनाव नहीं लड़ा रहे थे। पर अब पानी सर से ऊपर जा चुका है। उन्होंने ऐलान किया कि वार्ड नंबर 14 से उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय चुनाव लड़ेगी। अध्यक्ष पद उन्हीं के परिवार में रहेगा। अध्यक्ष कौन बनेगा यह चुनाव जीतने के बाद तय होगा।


उधर भदोही के भाजपा विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी के भाई-भतीजों ने तो टिकट न मिलने पर भाजपा से बगावत कर निर्दलीय अपना नामांकन कर दिया। भाई और दो भतीजो. ने अलग अलग वार्ड से अपना नामांकन कर यहां तक दावा कर दिया कि उनका विधायक से कोई लेना देना नही है। विधायक के भाई ने यह भी कहा कि भाजपा में बहुत से नए चेहरे आ गए हैं। उनकी जमानत भी बचना मुश्किल है। भदोही जिले के वार्ड संख्या 7 , 8 और 9 से रविंद्र नाथ त्रिपाठी के भाई और भतीजों ने टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने नहीं दिया। उसके बाद तीनों ने बगावत कर दी।


भाई निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख अनिरुद्ध त्रिपाठी ने जिला पंचायत के वार्ड नंबर 9 से, भतीजे निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य सचिन त्रिपाठी ने वार्ड नंबर 7 और विधायक के ही भतीजे चंद्र भूषण त्रिपाठी ने वार्ड नंबर 8 से अपना नामांकन कर दिया है। इसके बाद चुनावी सरगर्मियां बढ़ गईं। जिला पंचायत की कुर्सी के लिए पूरी ताकत से उतरी भाजपा के लिये उनकी ही पार्टी के विधायक के तीन रिश्तेदारों का चुनाव लड़ना मुसीबत खड़ी कर सकता है।

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रफतउद्दीन फरीद
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