
Panchayat Chunav फोटो सोर्स : Social Media
UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। पंचायती राज विभाग ने वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया 18 जुलाई से शुरू कर दी है, जो 22 जुलाई तक चलेगी। इस बार प्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या में भी परिवर्तन हुआ है, जिसके अनुसार 504 ग्राम पंचायतें कम हो गई हैं। इसके चलते पंचायत क्षेत्रों में वार्डों का नए सिरे से पुनर्गठन किया जा रहा है। इस बार ग्राम पंचायतों की कुल संख्या घटकर 57,963 रह गई है। पहले यह संख्या 58,467 थी। ग्राम पंचायतों के विलय और पुनर्गठन के कारण यह बदलाव हुआ है। इसका सीधा असर पंचायत चुनाव में भाग लेने वाले मतदाताओं, वार्डों की संख्या और उनके स्वरूप पर पड़ेगा।
ग्राम पंचायतों में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति, विकास स्तर, और विलय जैसी प्रक्रियाएं नियमित रूप से होती रहती हैं। इसके चलते कई बार एक वार्ड की जनसंख्या बढ़ जाती है, जबकि दूसरे की घट जाती है। यह असंतुलन मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करता है और प्रतिनिधित्व के सिद्धांत के खिलाफ होता है। परिसीमन की इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में समुचित वार्ड बनाए जाएं ताकि जनसंख्या के अनुसार समान प्रतिनिधित्व मिल सके। साथ ही नए बने या विलय किए गए क्षेत्रों को पंचायत प्रणाली में सही ढंग से समायोजित किया जा सके।
ग्राम पंचायतों की संख्या में आई कमी का मुख्य कारण प्रशासनिक पुनर्गठन है। कई छोटी ग्राम पंचायतों को मिलाकर बड़ी पंचायतें बनाई गई हैं ताकि प्रशासनिक खर्चों में कटौती हो और योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। सरकार का मानना है कि इससे पंचायतों की दक्षता और विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी।
पंचायती राज विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परिसीमन की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहितकारी होनी चाहिए। कहीं भी भेदभाव, पक्षपात या दबाव की शिकायत पर तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जहां लोग अपनी आपत्तियां और शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सभी आपत्तियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन भी रखा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
क्या कहते हैं अधिकारी पंचायती राज निदेशक डॉ. हरिओम ने बताया कि "परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के अनुसार चलाई जा रही है। हमने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और विकास के मानकों के आधार पर ही वार्डों का पुनर्गठन किया जाए।"
फिलहाल परिसीमन की प्रक्रिया को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना सितंबर या अक्टूबर तक जारी हो सकती है। परिसीमन के बाद मतदाता सूची का पुनरीक्षण और आरक्षण प्रक्रिया शुरू होगी। इसके पश्चात ही नामांकन, चुनाव प्रचार और मतदान की तिथियां घोषित होंगी।
Published on:
18 Jul 2025 03:16 pm
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