
उत्तर प्रदेश में 50 साल की उम्र पार कर चुके पुलिसकर्मियों की शुरू हो गई छंटनी, इनको किया गया जबरन रिटायर
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के सख्त निर्देशों के बाद यूपी पुलिस विभाग में 50 की उम्र पार कर चुके और प्रभावी काम करने में असमर्थ पुलिसकर्मियों को रिटायर करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी क्रम में लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात 11 पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है। इन पुलिसकर्मियों की उम्र 50 से ज्यादा थी और स्क्रीनिंग में ये प्रभावी काम करने में अक्षम पाए गए थे। जिसके बाद इन्हें रिटायर करने का फैसला लिया गया। जबरन रिटायर किए गए पुलिसकर्मियों में 3 सब इंस्पेक्टर, 7 कांस्टेबल और 1 चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी शामिल है। लखनऊ के कमिश्नर डीके ठाकुर ने शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी थी।
दी जा रही अनिवार्य सेवािनवृत्त
आपको बता दें कि लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात पुलिसकर्मियों की फिटनेस जांच के बाद यह पहली सूची आई है, जल्द ही ऐसे कई और पुलिसकर्मियों की सूची जारी होने की उम्मीद है। दरअशल योगी सरकार के निर्देश पर डीजीपी मुख्यालय ने बीते सितंबर में सभी पुलिस जोन के एडीजी, लखनऊ और नोएडा पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख 31 मार्च 2020 को 50 साल साल की उम्र पूरी कर चुके अक्षम पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए थे। जिलों में स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षकों को दी गई थी। अब सभी जिलों में 50 की उम्र पार कर चुके सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर पद तक के पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग कराकर लिस्ट तैयार की जा रही है। स्क्रीनिंग में जो पुलिसकर्मी अक्षम पाए जा रहे हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्त दी जा रही है।
ये है नियम
नियमों में ऐसी व्यवस्था है कि नियुक्ति प्राधिकारी किसी भी समय किसी सरकारी सेवक को (चाहे वह स्थाई हो या अस्थाई) नोटिस देकर बिना कोई कारण बताए उसके 50 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद रिटायर करने की कार्रवाई कर सकता हैं। इसी नियम के तहत समय-समय पर शासनादेश जारी करके नियुक्ति प्राधिकारियों से काम करने में असमर्थ कर्मचारियों को चिह्नित करके रिटायर करने के लिए कहा जाता रहा है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर इस कार्रवाई के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनी हुई है। जो समय-समय पर सूची तैयार करती रहती है।
Published on:
25 Nov 2020 10:23 am

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