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‘आईना बेवजह तोड़ दिया…’ योगी के शेर का अखिलेश यादव ने शायरी में दिया जवाब, सिरप कांड पर एक्शन की बात

UP Politics: उत्तर प्रदेश में कोडीन सिरप कांड पर सियासी घमासान जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर शेर पढ़कर तंज कसा, जिसका जवाब सपा प्रमुख ने शायरी से दिया।
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लखनऊ

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Anuj Singh

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Updated: 21 Dec 2025, 11:48 AM IST

अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा

UP Politics: यूपी में कोडीन सिरप कांड को लेकर पक्ष-विपक्ष में लगातार वार,पलटवार का खेल चल रहा है। शुक्रवार को विधानसभा के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए एक शेर कहा था, जिसका जवाब अब अखिलेश यादव ने शायरी के जरिये दिया है। लखनऊ में सपा मुख्यालय पर मीडिया से बात करते हुए सपा प्रमुख ने योगी के शेर का जवाब देते हुए कहा कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। आखिर क्यों राजनीतिक आरोप लगाकर और फोटो दिखाकर केस से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। सरकार से केस में एक्शन की मांग करते हुए, उन्होंने कहा कि कांड में शामिल सभी लोगों पर बुलडोजर एक्शन होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ये यह सिर्फ राज्य का मामला नहीं है, बल्कि यह घटना प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जुड़ा है, जिसको लेकर सरकार को जल्द एक्शन लेना चाहिए।

अपने लोगों को बचाने का आरोप

मीडिया को संबोधित करते हुए शुक्रवार को सीएम योगी ने कहा था कि 'यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा'। वहीं इसके जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि 'अपना चेहरा न पोंछा गया आपसे, आईना बेवजह तोड़ कर रख दिया।' अखिलेश यादव की पंक्तियां पार्टी के वरिष्ठ नेता उदय प्रताप की हैं, जो उन्होंने पढ़ा। अखिलेश यादव ने आगे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपने लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। सरकार इस मामले में एक्शन ले सकती है, लेकिन अपने लोगों को बचाने की कोशिश में वो कुछ नहीं कर रहे हैं।

सपा प्रमुख ने कौन सी कविता पढ़ी?

सपा प्रमुख ने एक लंबी कविता भी पढ़ी। सरकार पर आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव पढ़ा कि "यही कसूर रहा इनका, ये अपनों को हर हाल में बचाते रहे। उनके गुनाह छुपाते रहे; जब खुलने लगा राज इनका, तो औरों पर इल्जाम लगाते रहे, गिरा कर औरों के मकान और दुकान, अपना गोरख-धंधा चलाते रहे। " यूपी में चल रही सिरप कांड की सियासत जल्द समाप्त नहीं होने वाली है।