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UP Politics: अबू आजमी के बयान पर पार्टी में उथल-पुथल, प्रदेश सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी

UP Politics: यूपी प्रदेश सचिव ने महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी के बयान पर सवाल उठाया है। अब इस क्रम में पार्टी ने प्रदेश सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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लखनऊ

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Sanjana Singh

Oct 26, 2024

महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी

UP Politics: महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियों को बढ़ा दिया है। 18 अक्टूबर को अखिलेश यादव ने मालेगांव में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस सभा में अखिलेश के साथ महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी भी मंच पर मौजूद थे। इस दौरान अबू आसिम आजमी ने एक विवादित बयान दिया, जिसकी वजह से पार्टी के भीतर असंतोष और नाराजगी का माहौल पैदा हो गया है।

दरअसल, अबू आजमी ने अपने भाषण के दौरान कहा, “हमारे पास अभी 2 विधायक हैं, हमें कम से कम 6-8 विधायक चाहिए। जिस दिन हमारे पास 8 विधायक हो गए, तब किसी की ताकत नहीं होगी जो हमारे साथ ज्यादती कर सके।” उनके इस बयान को लेकर पार्टी के समाजवादी छात्र सभा के उत्तर प्रदेश प्रदेश सचिव जय प्रताप सिंह ने नाराजगी जाहिर की है।

पार्टी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस 

जय प्रताप सिंह यादव ने अबू आजमी की टिप्पणी पर सवाल उठाया। जय प्रताप सिंह के इस विरोध को लेकर समाजवादी पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है, और सोशल मीडिया पर यह नोटिस तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान होने का खतरा है।

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पत्र जारी कर 48 घंटे में मांगा जवाब

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी के प्रति की गई अशोभनीय टिप्पणी के संदर्भ में जय प्रताप सिंह यादव को पत्र जारी किया गया है। उसमें लिखा है, आपके द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी के खिलाफ की गई अशोभनीय और अपमानजनक टिप्पणी न केवल अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह समाजवादी पार्टी की गरिमा के विपरीत भी है। आपकी इस टिप्पणी से पार्टी की साख और अनुशासन पर गंभीर आघात लगा है, और इससे पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुँची है। यह आचरण किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है और पार्टी के अनुशासन के खिलाफ है। आपसे यह अपेक्षा की जाती है कि आप तत्काल इस कृत्य का स्पष्टीकरण दें कि क्यों और किस आधार पर आपने ऐसी टिप्पणी की है। यदि 48 घंटे के भीतर आप अपना संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो आपके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जो आपके पद से निलंबन तक जा सकती है।”

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