
UP Prasangvash : मिनटों में आपकी जिंदगी भर की कमाई चट कर जाएंगे साइबर ठग, रहें सतर्क
UP Prasangvash- डिजिटल इंडिया की राह में साइबर क्राइम सबसे बड़ा रोड़ा है। हर दिन आपके आस-पड़ोस में कोई न कोई साइबर क्राइम का शिकार होता रहता है। जरा सी चूक और वर्षों से की गई आपकी मेहनत की कमाई मिनटों में साफ हो जाती है। बैंकिंग फ्रॉड, कंप्यूटर हैकिंग, महिलाओं या लड़कियों को अश्लील मैसेज भेजकर परेशान करना भी साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2016 से अब तक 617 मुकदमे दर्ज किये हैं, जिनमें से 439 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा अब तक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से 49,779 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
अभी यूपी के सभी रेंज मुख्यालयों पर 18 साइबर थाने हैं। साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए यूपी में सभी थानों में साइबर डेस्क बनाने के निर्देश दिये हैं। ताकि साइबर अपराध की सूचना मिलते ही ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साइबर क्राइम का शिकार व्यक्ति जितनी जल्दी पुलिस को सूचना देगा, उतनी जल्दी ही बेहतर कार्रवाई की जा सकेगी। राष्ट्रीय स्तर पर एक हेल्पलाइन नंबर भी 1552600 जारी किया गया है, जो साइबर ठगी के शिकार लोगों की मदद करता है।
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करीब 25 करोड़ आबादी वाले उत्तर प्रदेश में 17 करोड़ से अधिक मोबाइल यूजर्स हैं। इनमें शहरी और ग्रामीण दोनों उपभोक्ता हैं जो पढ़े-लिखे भी हैं और अनपढ़ भी। कोरोना काल के बाद बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है जो धड़ल्ले से ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। वह आसानी से साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं। कई बार प्रलोभन भरे लिंक भेजकर तो कभी फोन कर आपसे सीक्रेट डिटेल मांगी जाती है। अगर आप इनके चंगुल में फंस गये तो फिर आपको लुटते देर नहीं लेगी। इनसे बचना है तो अपनी निजी जानकारी जैसे पासवर्ड और ओटीपी किसी से भी शेयर न करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
रिजर्व बैंक की ओर से अपने ग्राहकों के लिए समय-समय पर गाइडलाइन जारी की जाती है, लेकिन फिर भी लोग आसानी से साइबर ठगों के शिकार बन जाते हैं। ऐसे में साइबर ठगों के जाल से बचने के लिए बड़े पैमाने पर जागरुकता अभियान चलाने की जरूरत है। हर पुलिस थाने में साइबर एक्सपर्ट टीम हो। इसके अलावा आमजन को भी जागरूक रहने की जरूरत है। क्योंकि समय के साथ बदलती टेक्नोलॉजी के साथ हमको भी बदलना आवश्यक है, नहीं नहीं हम यूं ही साइबर अपराधियों का शिकार होते रहेंगे।
Published on:
14 Sept 2021 12:29 pm
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