
अब प्रांतीय रक्षक दल के जवान भी होंगे राज्यकर्मी, शासनादेश जारी होने से वर्षों पुरानी मांग पूरी (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
PRD State Employee: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के हजारों जवानों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया है। शासन की ओर से जारी आदेश के बाद प्रदेशभर में कार्यरत पीआरडी जवानों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से अपने अधिकारों और बेहतर सेवा सुविधाओं की मांग कर रहे पीआरडी जवानों के लिए यह फैसला ऐतिहासिक माना जा रहा है।
सरकारी निर्णय के बाद अब पीआरडी जवानों की भूमिका और जिम्मेदारियों को अधिक औपचारिक मान्यता मिलेगी। साथ ही भविष्य में उनके सेवा संबंधी अधिकारों, सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी नई संभावनाएं खुलेंगी। वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे पीआरडी जवान इस फैसले को अपनी मेहनत और संघर्ष की जीत के रूप में देख रहे हैं।
प्रांतीय रक्षक दल उत्तर प्रदेश की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है। चुनाव, धार्मिक आयोजन, त्योहार, आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में पीआरडी जवान लगातार अपनी सेवाएं देते रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक पीआरडी जवानों की तैनाती की जाती है। पुलिस और प्रशासन के सहयोगी के रूप में वे लंबे समय से जिम्मेदारियां निभाते आ रहे हैं। इसके बावजूद लंबे समय तक उनकी सेवा स्थिति को लेकर कई प्रकार की मांगें उठती रही हैं।
पीआरडी जवानों के संगठन लंबे समय से राज्यकर्मी का दर्जा दिए जाने की मांग उठा रहे थे। उनका तर्क था कि वे सरकार के विभिन्न विभागों में नियमित रूप से जिम्मेदारियां निभाते हैं और कई बार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी कार्य करते हैं, इसलिए उन्हें उचित सम्मान और अधिकार मिलने चाहिए। विभिन्न जिलों में समय-समय पर ज्ञापन, बैठकें और प्रतिनिधिमंडलों के माध्यम से यह मांग सरकार तक पहुंचाई जाती रही। अब शासन द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद जवानों को उम्मीद है कि उनकी सेवा शर्तों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
सूत्रों का मानना है कि किसी भी सुरक्षा या सहायक बल के लिए सम्मान और पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। राज्यकर्मी का दर्जा मिलने से पीआरडी जवानों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों का भी मानना है कि यह कदम पीआरडी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक साबित होगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात जवानों को इससे मानसिक और सामाजिक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
पीआरडी से बड़ी संख्या में ग्रामीण और छोटे कस्बों के युवा जुड़े हुए हैं। राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद इस व्यवस्था की ओर युवाओं का आकर्षण और बढ़ सकता है। इससे प्रदेश में सुरक्षा और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यों में अधिक भागीदारी सुनिश्चित होने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि ऐसे निर्णय केवल कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि इससे प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
पीआरडी जवान लंबे समय से विभिन्न सरकारी कार्यों में अपनी भूमिका निभाते रहे हैं। राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद उनके सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि होगी। कई जवानों का कहना है कि वे वर्षों से सेवा दे रहे थे, लेकिन उन्हें वह पहचान नहीं मिल पा रही थी जिसके वे हकदार थे। अब शासन के इस निर्णय से उन्हें न केवल प्रशासनिक पहचान मिलेगी बल्कि समाज में भी उनकी भूमिका को अधिक सम्मान के साथ देखा जाएगा।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से इस फैसले का स्वागत किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। पीआरडी जवानों और उनके संगठनों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय हजारों परिवारों के लिए राहत और सम्मान दोनों लेकर आया है। कई पूर्व और वर्तमान पीआरडी जवानों ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि इससे लंबे समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण मांग पूरी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी उनके हितों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद अब पीआरडी जवानों की निगाहें आगे मिलने वाली सुविधाओं और नीतिगत सुधारों पर टिकी हैं। जवानों को उम्मीद है कि उनके प्रशिक्षण, सेवा सुरक्षा, कल्याणकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं को लेकर भी सरकार आगे कदम उठाएगी।
Published on:
19 Jun 2026 01:39 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
