
अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा
Uttar Pradesh Assembly: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर एक साथ हमला बोला। उन्होंने स्कूलों के बंद होने, PDA पाठशालाओं पर कार्रवाई, विधानसभा में सपा विधायक सचिन यादव के निलंबन और राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। उनका आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में हजारों सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं, जबकि PDA पाठशालाएं चलाने वालों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, "जो सरकार 26 हजार स्कूल बंद कर सकती है और PDA पाठशालाएं चलाने पर एफआईआर दर्ज करा सकती है, जो काम अंग्रेजों ने भी नहीं किया, उसके लिए अनुभव प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी करना कोई बड़ी बात नहीं है। बच्चों के मिड-डे मील तक में परेशानी खड़ी करने वाली सरकार कुछ भी कर सकती है।" उन्होंने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया।
सपा प्रमुख ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। अखिलेश यादव ने कहा, "सचिन यादव के साथ जो हुआ, वह गलत परंपरा की शुरुआत है। भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री खुद कहते रहे हैं कि सच सामने आना चाहिए और आम लोगों को न्याय मिलना चाहिए, फिर विपक्ष की आवाज क्यों दबाई जा रही है?"
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित मामले पर भी अखिलेश यादव ने भाजपा से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। उन्होंने कहा, "यह समाजवादी पार्टी का मुद्दा नहीं है। सवाल यह है कि चढ़ावा किसने चुराया? ट्रस्ट किसने बनाया? भाजपा ने बनाया। मुख्यमंत्री कई बार अयोध्या गए। क्या पहले कभी ऐसा हुआ था कि भगवान राम के चढ़ावे तक की कथित चोरी की बात सामने आए?" उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बीच शिक्षा, लोकतंत्र और राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे मुद्दों को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। एक ओर समाजवादी पार्टी सरकार को घेर रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि सभी मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। इन मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
Updated on:
05 Aug 2026 04:28 pm
Published on:
05 Aug 2026 04:28 pm
