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प्राइमरी टीचर्स का दूसरे जिले में नहीं होगा तबादला, सरकार ने लगाई रोक

सरकारी टीचरों को योगी आदित्यनाथ सरकार ने फिर बड़ा झटका देते हुए दूसरी बार अपने घर वापसी आने के इच्छुक टीचरों पर पानी फेर दिया

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लखनऊ

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Ruchi Sharma

Feb 02, 2018

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लखनऊ. सरकारी टीचरों को योगी आदित्यनाथ सरकार ने फिर बड़ा झटका देते हुए दूसरी बार अपने घर वापसी आने के इच्छुक टीचरों पर पानी फेर दिया। उत्तर प्रदेश में अंतर्जनपदीय तबादले की प्रक्रिया पर सरकार ने अपना फैसला लेते हुए रोक लगा दी है। सरकार ने टीचरों के अंतर्जनपदीय तबादले पर अपरिहार्य कारणों से रोक लगाई है और आगे कि प्रक्रिया को ठप कर दिया है। इसके चलते बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया है और परिषद ने स्थानांतरण के लिए 3 फरवरी को प्रस्तावित काउंसलिंग को रोक दिया है।

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गौरतलब है कि पिछले साल भी अंतर्जनपदीय तबादले के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी। टीचरों ने आवेदन करना शुरू कर दिया था, लेकिन बाद में मामला हाई कोर्ट पहुंच गया और अंतर्जनपदीय तबादला की प्रक्रिया ठप हो गई। इस बार भी आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो गई इसी बीच मामला हाई कोर्ट में चला गया और एक बार फिर से सरकार ने टीचरों के अंतर्जनपदीय तबादले पर रोक लगा दी है।

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दस हजार से ज्यादा टीचरों ने दिया था आवेदन

16 जनवरी से टीचरों के अंतर्जनपदीय तबादले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी। वहीं २९ जनवरी तक इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। ज्ञात हो कि दस हजार से ज्याद शिक्षकों ने अपने तबादले के लिए आवेदन किया था अौर इन टीचरों की काउंसलिंग का क्रम 3 फरवरी से शुरू होना था, पर अब सरकार की अपरिहार्य कारणों से प्रक्रिया अगले आदेश तक रोकी जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने इस बाबत विज्ञप्ति जारी करते हुए अपरिहार्य कारणों से अंतर्जनपदीय तबादले की प्रक्रिया पर रोक लगाने की पुष्टि की है ।

गोमतीनगर में रहने वाली सरकारी स्कूल में कार्यरत वीना सिंह कहती हैं कि वे बाराबंकी में कार्यरत है, जिसके चलते वे रोज आना जाना करती है। घर में अाठ साल का बेटा है जिसको लेकर काफी जिम्मेदारियां है। इन सभी के बीच रोज अप एंड डॉउन करना मुश्किल होता है। इस साल यह उम्मीद थी कि शायद तबादला हो जाए अौर घर की भी जिम्मेदारी अच्छे से निभा ली जाएगी। पर सरकार ने इस उम्मीद पर भी पानी फेर दिया।